वीरभट्टी में बैलीब्रिज की जांच करते विशेषज्ञ
- फोटो : अमर उजाला
ज्योलीकोट (नैनीताल)। ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग में वीरभट्टी में बनाए गए बैली ब्रिज में शनिवार से ट्रक और अन्य भार वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया गया है, हालांकि पहले दिन वाहनों की आवाजाही कम रही। इस मार्ग के चालू होने से भीमताल मार्ग में यातायात का दबाव कम होने से लोगों को राहत मिलेगी।
25 सितंबर को गैस वाहन हादसे के बाद कुमाऊं की लाइफ लाइन कही जाने वाले इस मार्ग में ब्रिटिश कालीन पुल को हुए नुकसान के चलते यातायात ठप था। 26 अक्तूबर को मरम्मत कार्य के दौरान इस पुल वीरगति को प्राप्त हो गया तो आवागमन की सारी संभावनाएं ख़त्म हो गई थी। हाइवे द्वारा विकल्प के रूप में बैली ब्रिज का निर्माण कराया गया लेकिन 2 दिसंबर को जब इस पर यातायात सुचारू किया गया तो पुल 24 घंटे में ही जवाब दे गया। इस कारण पुल को फिर बंद करना पड़ा और विशेषज्ञों की देखरेख में इसकी कमियों को दूर किया गया। 15 दिसंबर को भार परीक्षण के बाद इसमें दुपहिया वाहन, कार और यात्री बसों का आवागमन शुरू कर दिया लेकिन भार परीक्षण की रिपोर्ट न आने के कारण इसमें ट्रकों और भार वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित था। शुक्रवार को भार परीक्षण की रिपोर्ट मिलने के बाद एनएस ने बैली ब्रिज को शनिवार को सभी प्रकार के यात्री वाहनों के साथ ट्रकों और अन्य भार वाहनों के लिए खोल दिया।
पुल पर सुरक्षित यातायात के लिए एक बार में एक ही वाहन प्रवेश हो इसके लिए चेक पोस्ट पर पुलिस तैनात की गई है। लोगों से अपील है कि 16.5 टन से ज्यादा भार लेकर पुल पर न जाएं। तीन महीने से अधिक समय बाद इस मार्ग पर पूरी तरह यातायात शुरू हो जाने से यातायात के भारी दबाव को झेल रहे भीमताल मार्ग को राहत मिलने की उम्मीद है।
पीसी जोशी ईई एनएच