फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गिरफ्तार होते ही डीपी का बढ़ा बीपी

विज्ञापन
slo dp singh
विज्ञापन
नैनीताल। राष्ट्रीय राजमार्ग 74 में भूमि अधिग्रहण घोटाले में नामजद आरोपी डीपी सिंह को शनिवार को छाती में दर्द व घबराहट की शिकायत पर नैनीताल जेल प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण के लिए बीडी पांडे अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने इलाज के बाद हृदय रोग संबंधी परामर्श के लिए हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया। इधर बगैर कोर्ट की अनुमति के आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने पर न्यायालय ने जेल प्रशासन की जमकर फटकार लगाई।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह डीपी सिंह को रिमांड में लेने के लिए एसआईटी की टीम नैनीताल जेल पहुंची। जेल पहुंचे विवेचक सीओ स्वतंत्र सिंह को जेल में मौजूद चिकित्सक ने आरोपी डीपी सिंह का स्वास्थ्य खराब होने की जानकारी देते हुए कहा कि उन्हें इलाज के लिए बीडी पांडे अस्पताल ले जाने की तैयारी चल रही है। लिहाजा ऐसी स्थिति में डीपी सिंह को पुलिस कस्टडी रिमांड (पीसीआर) नहीं दी जा सकती है। इसके बाद विवेचक सिंह ने मामले की जानकारी न्यायालय को दी।
जानकारी के अनुसार इससे नाराज विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कुमकुम रानी ने जेल कर्मियों को तत्काल न्यायालय में तलब कर संपूर्ण रिकार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। न्यायालय ने जेल अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि यदि आरोपी का स्वास्थ्य खराब था तो जेल प्रबंधन ने इसकी सूचना न्यायालय को क्यों नहीं दी। बिना न्यायालय की अनुमति के पुलिस लाइन से गारद क्यों मंगाई गई। न्यायालय के निर्देश के बाद सरकारी अधिवक्ता (डीजीसी क्राइम) ने आईजी जेल और जेल सुपरिटेंडेंट मनोज आर्य से बात कर मामले की जानकारी दी और एसआईटी को आरोपी डीपी सिंह का मेडिकल करवाने को कहा। इसके बाद एसआईटी इंचार्ज अपनी टीम के साथ दोपहर दो बजे दोबारा जेल पहुंचे। जहां से कैदी डीपी सिंह को अस्पताल लाया गया और वहां चिकित्सकों डा. एमएस दुग्ताल व डा. अजय बिष्ट ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। इलाज के बाद चिकित्सकों ने डीपी सिंह को हृदय रोग संबंधी परामर्श व जांच के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर कर दिया।
विज्ञापन


सीबीआई जांच की मांग करूंगा : डीपी सिंह

इलाज के लिए शनिवार को बीडी पांडे अस्पताल पहुंचे डीपी सिंह से जब मीडिया कर्मियों ने इस घोटाले में किसी उच्चाधिकारी अथवा मंत्री के शामिल होने के संबंध में पूछताछ की तो सिंह का कहना था कि जांच में सब बातें सामने आ जाएंगी। डीपी सिंह ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया। उन्होंने फिर दोहराया कि इस मामले में उन्हें बेवजह फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच खत्म होने के बाद वह इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करेंगे।

डीपी का बीपी 160-110 और शुगर 260

बीडी पांडे चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजीशियन डा. एमएस दुग्ताल ने बताया कि डीपी सिंह को जब अस्पताल लाया गया था तो उनका ब्लड प्रेशर 160/110 था। दवा देने के बाद उनका ब्लड प्रेशर 150/100 हो गया था। जबकि उनकी शुगर 260 थी। उन्होंने बताया कि जेल में परीक्षण के दौरान डीपी सिंह ब्लड प्रेशर 190/112 तथा शुगर 290 थी। उन्होंने बताया उनका ईसीजी सामान्य है। अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा लगभग सवा घंटे तक डीपी सिंह का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

तलब करने के बाद भी नहीं पहुंचे जेलर

एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले के आरोपी डीपी सिंह को पुलिस रिमांड में देने से बचने के लिए जेल अधिकारियों व कर्मचारियों ने कोर्ट के आदेशों को भी ताख पर रखने की कोशिश की। यहां तक इस हाई प्रोफाइल आरोपी डीपी सिंह को पुलिस कस्टडी में देने से पूर्व नैनीताल जेल के जेलर मुख्यालय से बाहर चले गए और अपने अधीनस्थों को भी यह नहीं बताया कि वह कहां जा रहे हैं।

जेलर को तलब किए जाने के बावजूद उनके न पहुंचने पर उनके अधीनस्थों ने यह जानकारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में दी। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जिला एवं सत्र न्यायाधीश नैनीताल कुमकुम रानी की फटकार के बाद डीपी सिंह को पुलिस रिमांड में इलाज के लिए भेजा गया।

कई बार जाम में फंसे वाहन

जिला जेल से जिस वक्त डीपी सिंह को बीडी पांडे अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया जा रहा था उस दौरान जेल परिसर से लेकर बीडी पांडे अस्पताल तक कई बार एसआईटी के वाहन जाम में फंसते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें