नैनीताल। उच्च न्यायालय ने कहा है कि भवाली में प्रस्तावित अस्पताल को बनाने में पहाड़ की सुंदरता को प्रभावित न होने दिया जाए। भवाली में मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने के मामले में अब सुनवाई चार अक्टूबर को होगी।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति यू सी ध्यानी की खंडपीठ ने सोमवार को नैनीताल निवासी दीपक रुबाली की याचिका पर सुनवाई की। याची का कहना था कि नैनीताल शहर में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है। नैनीताल में बीडी पांडे अस्पताल है, लेकिन इस अस्पताल में न तो पर्याप्त चिकित्सक हैं और न ही अन्य सुविधाएं। स्वास्थ्य सुविधाओं की इस कमी को देखते हुए ही भवाली में विशिष्ट सुविधाओं से संपन्न अस्पताल बनाने का निर्णय लिया गया है। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय को बताया गया था कि स्थल की जांच केंद्र सरकार की एजेंसी से कराई जा रही है। सोमवार को सुनवाई के दौरान सरकार प्रतिनिधि ने बताया कि नोएडा की एजेंसी एचएससीसी से सर्वे कराया गया है। यह एजेंसी ही नक्शा तैयार करेगी। खंडपीठ ने चार सप्ताह में स्थल का सर्वे कर रही एजेंसी एचएससीसी, वरिष्ठ अधिवक्ता एम सी पांडेय, मेनका त्रिपाठी और अन्य अधिकारियों को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है।