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877 असिस्टेंट प्रोफेसर पद की भर्ती में 58 हजार 806 अभ्यर्थी

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हल्द्वानी। प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में रिक्त असिस्टेंट प्रोफेसरों के 877 पदों के लिए 58 हजार 806 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इसमें उत्तराखंड के अलावा सर्वाधिक संख्या उत्तर प्रदेश और बिहार के अभ्यर्थियों की है। इसके अलावा राज्य के नवोदित आवासीय विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के साथ ही दून विश्वविद्यालय और श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय का ढांचा भी स्वीकृत हो गया है। इन विश्वविद्यालयों में प्रोफेसरों के 250 पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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राज्य में उच्चशिक्षा विभाग द्वारा 100 डिग्री कॉलेज संचालित किए जा रहे हैं। डिग्री कॉलेजों में प्राध्यापकों के 877 पद रिक्त होने की वजह से बेहतर शिक्षण में दिक्कतें सामने आती रहीं हैं। प्राध्यापकों की कमी को दूर करने के लिए शासन ने भर्ती की प्रक्रिया शुरू की है। उत्तराखंड लोकसेवा आयोग की ओर से उच्चशिक्षा के 877 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए विज्ञप्ति निकाली गई तथा इसके लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। लेकिन इन पदों के लिए आवेदनों की संख्या ने आयोग के होश उड़ा दिए हैं। इस संबंध में उच्चशिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि आयोग से जानकारी मिली है कि असिस्टेंट प्रोफेसरों के 877 पदों पर 58 हजार 806 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है जिसमें से 28 हजार 322 अभ्यर्थियों द्वारा आवेशन शुल्क भी जमा कराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि उच्चशिक्षा में आरक्षण बैकलॉग के पदों को भरने का काम भी किया जा रहा है। कुल 877 पदों में 386 पद आरक्षित श्रेणी के हैं।
अमर उजाला से बातचीत में उच्चशिक्षा मंत्री डा. रावत ने कहा कि उन्होंने उच्चशिक्षा का दायित्व मिलने के बाद महाविद्यालयों में पठन-पाठन सुधारने के लिए सख्त कदम उठाए। एक ही स्थान पर 20-20 साल से जमे शिक्षकों के तबादले करने के बाद रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू करवाई गई। डिग्री कालेजों को शिक्षक मिलने से पढ़ाई के स्तर में व्यापक सुधार आ सकेगा। उन्होंने बताया कि दून विश्वविद्यालय, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय और अल्मोड़ा के आवासीय विश्वविद्यालय का ढांचा ही स्वीकृत नहीं था, इसकी जानकारी मिलने पर तीनों विश्वविद्यालयों का ढांचा मंजूर कराया गया। अब सरकार इन विश्वविद्यालयों को मजबूत करने के लिए इसमें सृजित 250 प्रोफेसर पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया जल्द शुरू करने के प्रयास में जुटी है। इसमें यूजीसी के नियमों के अनुसार अधिकतम आयु की सीमा नहीं होगी, सरकार यूजीसी के नियमों के मुताबिक संशोधन लागू कर रही है। नये-नये पाठ्यक्रम शुरू होने पर ये विश्वविद्यालय भी पटरी पर आ सकेंगे। मंत्री ने बताया कि अशासकीय महाविद्यालयों में भी करीब 350 पद रिक्त हैं इन्हें भी भरने के निर्देश उच्चशिक्षा विभाग को दिए गए हैं ताकि शिक्षकों के अभाव में किसी महाविद्यालय में पढ़ाई प्रभावित न हो।
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