प्रदर्शन करते फैक्ट्री के कर्मचारी
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कुमाऊं की पुरानी फैक्ट्रियों में शुमार गणेश कत्था फैक्ट्री के कर्मचारियों के भविष्य पर संकट के आसार दिख रहे हैं। बृहस्पतिवार को 76 कर्मचारी दोपहर का भोजन कर लौटे तो गेटबंदी का नोटिस चस्पा देख दंग रह गए। उन्होंने गेट पर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रबंधन से जुड़े लोगों को कमरे में बंद कर जवाब मांगा। कुछ जनप्रतिनिधि भी उनके समर्थन में आ गए। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में दो महीने से उत्पादन नहीं हो रहा है।
नोटिस में प्रबंधन ने कच्चे माल उपलब्ध न होने की बात कहते हुए 76 कर्मचारियों को 16 फरवरी से एक अप्रैल 2018 तक गेट बंदी करने की बात कही है। इस दौरान आधा वेतन देने की बात भी कही गई है। नोटिस देख कर्मचारी भड़क गए। उन्होंने गेट पर ही धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों का आरोप था कि उनका मामला लेबर कोर्ट में विचाराधीन है। 17 फरवरी को उसकी सुनवाई होनी है। फैक्ट्री प्रबंधन ने बिना पूर्व सूचना के गेटबंदी कर दी है। उन्होंने नोटिस वापस नहीं लिए जाने तक गेट में ही धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
ग्राम प्रधान भागीरथी देवी भी फैक्ट्री परिसर पहुंच गईं। उन्होंने कर्मचारियों की मांग का समर्थन दिया। उधर, फैक्ट्री प्रबंधकों का कहना है कि कच्चा माल नहीं मिलने और बाजार में कत्था नहीं मिलने के कारण दो माह से कंपनी में उत्पादन ठप है। इस कारण 45 दिन की बैठकी की गई है। इस दौरान कर्मचारियों को आधा वेतन दिया जाएगा। धरना प्रदर्शन करने वालों में पूरन लाल, शिव दत्त, अनिल कुमार, वीर बहादुर, हरीश गिरी, दीपचंद, डीगर राम, मुरारी लाल, बसंत सिंह आदि मौजूद रहे।