चोरगलिया/हल्द्वानी। नंधौर नदी में वाहनों के पंजीयन को लेकर बनाई गई समिति ने बृहस्पतिवार को चोरगलिया के लोगों का पक्ष सुना। ग्रामीणों ने 60 फीसदी वरीयता देने की मांग की। समिति इस रिपोर्ट को जिला खनन समिति को सौंपेगी। डीएम के अनुमोदन पर ही वाहनों के पंजीयन पर फैसला होगा।
पंजीयन समिति की बैठक बृहस्पतिवार को स्थानीय वन विश्राम भवन में हुई। इसमें स्थानीय प्रतिनिधियों ने चोरगलिया के स्थानीय निवासियों के वाहन पंजीकरण का कोटा 60 फीसदी, गौला पार और अन्य को 20-20 फीसदी देने की मांग की। कहा कि स्थानीय 350 वाहनों का पंजीकरण अवश्य होना चाहिए। कम से कम हर परिवार के एक वाहन का पंजीकरण अवश्य करवाने को कहा गया जबकि डीएलएम नंधौर प्रेम सिंह बोरा ने बताया कि चार गेटों पर सिर्फ 186 वाहनों का रजिस्ट्रेशन होना है। उन्होंने कड़ापानी गेट के पास नया गेट खोलने, गल्फार गेट पर संचालित वाहनों, उनके दस्तावेजों की जांच कर उनका पंजीयन निरस्त करने की मांग की। यातायात बहाली के लिए वन भूमि से वाहनों की पार्किंग हटाने का भी सुझाव दिया। अधिकारियों ने नंधौर नदी की दूसरी धारा कैलाश के मुहाने का भी स्थलीय निरीक्षण कर बाढ़ नियंत्रण के उपाय सुझाए। इसके लिए हेड से टेल तक खनन कराने को कहा। इस दौरान एडीएम बीएस फिरमाल, एसडीएम एपी वाजपेयी, एसडीओ प्रकाश आर्य, बहादुर सिंह कार्की, सुरजीत कौर, पान सिंह मेवाड़ी, भुवन पोखरिया, बलजीत सिंह, प्रकाश बेलवाल, विक्रम, एसओ शांति प्रसाद गंगवार आदि थे।
चोरगलिया को 60, गौला पार और अन्य को 20-20 फीसदी मिले वरीयता
डीएम के निर्देशानुसार बनी समिति में नंधौर नदी में वाहनों के पंजीयन के लिए जनप्रतिनिधियों ने सुझाव दिए
चोरगलिया के ग्रामीण देहरादून रवाना
चोरगलिया (नैनीताल)। नंधौर खनन वाहन समिति की बैठक बृहस्पतिवार को हुई। इसमें नंधौर वन्यजीव अभयारण्य के प्रस्तावित इको सेंसेटिव जोन की सीमा ढाई किमी से कम करने का प्रस्ताव पास किया गया। राज्य सरकार के माध्यम से इसे भारत सरकार को भेजा जाएगा। इसके लिए ग्रामीणों का शिष्टमंडल सीएम से मिलने देहरादून रवाना हो गया है।