हल्द्वानी। कई वर्षों से बिना काम का वेतन ले रहे पर्वत वायर और पर्वत प्लास्टिक फैक्ट्री के कर्मियों को अब काम करना होगा। अब कुमाऊं मंडल विकास निगम बंद पड़ी इस फैक्ट्री में मसाला उद्योग लगा रहा है।
डेढ़ दशक पहले तक शीशमहल क्षेत्र में निगम की ट्रांसकेबल्स लिमिटेड, पर्वत वायर और पर्वत प्लास्टिक फैक्ट्रियां थी। इनमें बिजली के तार और प्लास्टिक के बैग बनते थे। बाद में तीनों उद्योग बंद हो गए तो सरकार ने इन फैक्ट्रियों को वाइंडअप कर कर्मचारियों को अन्य विभागों में समायोजित करा दिया लेकिन पर्वत वायर और पर्वत प्लास्टिक में कार्यरत आठ से 10 महिलाओं को न तो समायोजित किया और न ही दूसरा काम दिया। तब से निगम इन महिला कर्मियों को हजारों रुपये हर माह मुफ्त का वेतन बांटता रहा। अब निगम ने बंद पड़ी पर्वत प्लास्टिक फैक्ट्री के भवन में मसाला उद्योग खोलने का फैसला किया है। मसाला उद्योग में इन्हीं महिला कर्मियों से काम लिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर निगम के अन्य उपक्रमों से भी महिलाओं को यहां स्थानांतरित किया जाएगा। मसाला उद्योग खोलने के लिए निगम ने कुछ मशीनें भी खरीद ली हैं।
...कुछ ऐसा करो कि न खुले उद्योग
हल्द्वानी। बंद पड़ी पर्वत वायर फैक्ट्री में तीन बुजुर्ग महिलाओं को पता था कि यहां मसाला उद्योग खुलने वाला है। एक महिला ने खुद ही कहा कि अब इस बुढ़ापे में काम करना पड़ेगा। वह बोली कि कुछ ऐसा करो कि मसाला उद्योग यहां न खुले।
जंक खा रही हैं लाखों की मशीनें
हल्द्वानी। ट्रांसकेबल्स लिमिटेड का शिलान्यास 22 जनवरी 1974 को अविभाजित उत्तर प्रदेश के शासनकाल में तत्कालीन वित्त एवं भारी उद्योग मंत्री एनडी तिवारी ने किया था। ट्रांसकेबल्स उत्तर प्रदेश पर्वतीय विकास निगम लिमिटेड की सबसीडियरी कंपनी थी। अब यह शिलापट्ट भी झाड़ियों से पटा है। फैक्ट्री के भीतर लाखों रुपये मूल्य, तार के कई बंडल बेकार पड़े थे।
नए खुलने वाले मसाला उद्योग में उत्पादित मसालों का उपयोग निगम कैलाश यात्रा के दौरान और अपने पर्यटक आवास गृहों में तो करेगा। इसे बाजार में भी उतारेगा। जल्द ही उद्योग अस्तित्व में आ जाएगा।
-धीराज सिंह गर्ब्याल प्रबंध निदेशक कुमाऊं मंडल विकास निगम