हल्द्वानी। वन विकास निगम की जीएसटी सलाहकार सीए कंपनी पर मेहरबानी की जांच अब वन मंत्रालय कराएगा। वित्त मंत्रालय ने इस मामले को संबंधित वन मंत्रालय की ओर सरका दिया है।
वन निगम ने एक जुलाई 2017 को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने जीएसटी के लिए सलाहकार सीए कंपनी की तैनाती के लिए कोटेशन मांगी थी। एक जुलाई को तीन कंपनियों जीजे निगम एंड कंपनी लखनऊ, गुरप्रीत सिंह एंड कंपनी देहरादून, अवनीश के रस्तोगी एंड एसोसिएट्स लखनऊ का तुलनात्मक विवरण बनाया था। इसमें न्यूनतम दरों पर जीजे निगम एंड कंपनी को कार्यादेश जारी किया गया था। सूचना के अधिकार में खुलासा हुआ था कि अवनीश के रस्तोगी एंड एसोसिएट्स लखनऊ ने आठ अगस्त 2017 को कोटेशन वन निगम को दी थी। इससे साफ हो गया था कि मानक ताक पर रख कर चहेती कंपनी को ठेका दिया गया। यह भी सामने आया कि इस कंपनी को खसा फायदा भी पहुंचाया गया। अब इस मामले को वित्त मंत्रालय ने संज्ञान में ले लिया है। वित्त मंत्रालय ने इस प्रकरण की जांच के लिए वन मंत्रालय से कहा है। वन मंत्री हरक सिंह रावत दो दिनों बाद दिल्ली से लौटेंगे इसके बाद वन मंत्री रावत से वार्ता कर जांच शुरू कराई जाएगी।
वन मंत्री हरक सिंह रावत के दिल्ली से लौटने पर इस प्रकरण पर मंथन किया जाएगा। तभी जांच कमेटी गठित कर जांच कराई जाएगी।
- प्रकाश पंत, वित्त मंत्री देहरादून