हल्द्वानी। अंतरराज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) पर सरकार और विपक्ष के बीच जारी खींचतान जारी है। सरकार गौला पार से आईएसबीटी हर हाल में शिफ्ट करने की जिद में अड़ी है तो कांग्रेस खास कर नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने इसका जोरदार विरोध का ऐलान किया है। शनिवार को इस मुद्दे पर राजनीति गर्म रही। जहां एक ओर इंदिरा हृदयेश ने प्रेस वार्ता बुलाकर 30 जनवरी को प्रदेश के 10 हजार लोगों के साथ अनशन पर बैठने की चेतावनी दी वहीं परिवहन सचिव डी सैंथिल पांडियन ने तीनपानी में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के पास आईएसबीटी के लिए प्रस्तावित वन विभाग की जमीन को देखने पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस में अधिकारियों की बैठक भी ली।
अंतरराज्यीय बस अड्डे के मामले में शनिवार को नेता प्रतिपक्ष और हल्द्वानी विधायक इंदिरा हृदयेश ने कहा कि वह मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत से कह चुकी हैं कि वर्तमान प्रदेश सरकार पांच साल में भी बस अड्डे का निर्माण नहीं करा पाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के पास आईएसबीटी के लिए प्रस्तावित जमीन स्वीकार नहीं है। वह 30 जनवरी को प्रदेश के 10 हजार लोगों के साथ अनशन पर बैठेंगी।
हल्द्वानी स्थित अपने आवास पर मीडिया से मुखातिब इंदिरा हृदयेश ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने तीन पानी उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के पास की जमीन मंडी विस्तारीकरण के लिए प्रस्तावित की थी। इसे लेकर तीन दौर की वार्ता भी हो गई थी। आचार संहिता लगने के कारण ये भूमि मंडी को स्थानांतरित नहीं हो पाई। हल्द्वानी मंडी कुमाऊं की सबसे बड़ी मंडी है और मंडी के लिए जगह कम हो गई है। अब सरकार इस जमीन में अंतरराज्यीय बस अड्डा बनाना चाहती है। बसों के आने-जाने के लिए फोरलेन और खुली जगह चाहिए। मुक्त विश्वविद्यालय के पास की जमीन से ये सुविधाएं नहीं मिल सकतीं।
उन्होंने इस जमीन के प्रस्ताव को सिरे से नकारते हुए कहा कि किसानों की आर्थिक हालत बहुत खराब है। सरकार उन्हें मंडी उपलब्ध कराने के बजाय आत्महत्या करने के लिए उकसा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि मंडी के स्थान पर किसी भी हालत में बस अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा।
सरकार पांच साल में भी नहीं बना पाएगी आईएसबीटी
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, 30 जनवरी का 10 हजार लोगों के साथ अनशन पर बैठूंगी
परिवहन सचिव यूओयू के पास जमीन देखने पहुंचे
हल्द्वानी। परिवहन सचिव डी सैंथिल पांडियन ने तीनपानी में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के पास आईएसबीटी के लिए प्रस्तावित वन विभाग की जमीन और गौलापार में आठ हेक्टेयर में बनने जा रहे चालक प्रशिक्षण संस्थान का निरीक्षण किया। उन्होंने सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक कर हल्द्वानी में ही आईएसबीटी बनने की बात को दोहराया।
शनिवार को साढ़े तीन बजे परिवहन सचिव डी सैंथिल पांडियन जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ मुक्त विश्वविद्यालय के पास जिला प्रशासन की ओर से आईएसबीटी के लिए चयनित की गई भूमि का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने तीन पानी से लेकर मुक्त विश्वविद्यालय, मुक्त विश्वविद्यालय से गोरापड़ाव रोड होते हुए रामपुर रोड का निरीक्षण किया। सूत्रों की मानें तो परिवहन सचिव ने आईएसबीटी तक आने वाली सड़कों की चौढ़ाई कम होना स्वीकारा और तकनीकी टीम से इसकी जांच करा कर भूमि फाइनल करने की बात कही। उन्होंने तीनपानी से मंडी चौराहे तक नहर कवरिंग कर सड़क चौड़ा करने, रामपुर रोड से गोरापड़ाव जंगल किनारे फोर लेन करते हुए सड़क लाने आदि के सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि दो दिन के भीतर तकनीकी टीम इसकी जायजा लेगी।
इसके बाद उन्होंने गौलापार में बनने वाले चालक प्रशिक्षण संस्थान की भूमि का निरीक्षण भी किया। पांडियन ने बताया कि इस भूमि पर निर्माण कार्यों के लिए सड़क एवं परिवहन मंत्रालय से लगभग15 करोड़ की धनराशि आवंटित किए जाने की कार्रवाई जारी है। निरीक्षण के बाद परिवहन सचिव सर्किट हाउस में संबंधित प्रशासनिक एवं परिवहन अधिकारियों के साथ बैठक की गई। इस दौरान जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी, प्रभागीय वनाधिकारी कल्याणी, आरटीओ राजीव मेहरा, एआरटीओ संदीप वर्मा, असित कुमार झा, अधिशासी अभियंता लोनिवि रणजीत सिह रावत आदि मौजूद रहे।