नैनीताल। पंगोट में ग्रामीणों ने श्रमदान से सड़क बनाई है। इसे देखने के लिए वित्त मंत्री प्रकाश पंत शुक्रवार को पंगोट पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को बधाई दी। कहा कि पंगोट-बुढलाकोट मार्ग बांज के जंगल से घिरा है। इसलिए वन विभाग के कैंपा योजना के तहत सड़क को बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क से वंचित सभी गांवों को पीएमजीएसवाई योजना से जोड़ा जाएगा ताकि पलायन को रोकने के लिए गांव छोड़कर जा चुके लोगों को वापस बसाया जा सके। उन्होंने कहा कि 2022 तक सभी गांवों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने लोगों से वर्षा के पानी को संरक्षण, संग्रहण करने की अपील की। विधायक संजीव आर्य ने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं को सरकार के माध्यम से प्राथमिकता के साथ निपटाया जाएगा। उन्होंने कहा रातीघाट-जाख-चैंरसा-बुढलाकोट सड़क पीएमजीएसवाई योजनांतर्गत प्रस्तावित है, इसके लिए 7.88 करोड़ की राशि स्वीकृत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के जो गांव सड़क से नहीं जुड़े हैं, उन्हें प्राथमिकता से सड़क से जोड़ा जाएगा। जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर ग्राम पंचायत बुढलाकोट के वासियों द्वारा श्रमदान से जिला पंचायत की खराब पड़ी बटिया को सड़क मार्ग बनाया है। ग्राम वासियों द्वारा पंगोट से बुढलाकोट जाने वाले मार्ग को दो किमी श्रमदान कर सड़क मार्ग बनाया, जिसमें छोटे वाहन एवं जीप आदि जाती हैं। ग्राम प्रधान प्रेमलता बुढलाकोटी एवं पूर्व प्रधान दिनेश बुढलाकोटी ने बताया कि पंगोट से ग्राम पंचायत बुढलाकोट तोक चुरानी, गौजानी, दरिया, सब्जिया, ढेलका तक जिला पंचायत का जर्जर मार्ग को श्रमदान से जीप सड़क मार्ग बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि दो किमी सड़क बना दी गई है। आगे की चार किमी बटिया को चौड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंगोट-बुढलाकोट को जोड़ते हुए सड़क रातीघाट हाइवे को जोड़ेगी। रातीघाट से जाख तक दो किमी सड़क बन चुकी है। यह सड़क बनने से ग्राम पंचायत बुढलाकोट के लगभग 450 क्षेत्रवासियों को रातीघाट, गरमपानी जाने के लिए 28 किमी कम यात्रा करनी पड़ेगी। अभी तक क्षेत्रवासियों को नैनीताल-भवाली होकर रातीघाट जाना पड़ता था, जिसके लिये 36 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। क्षेत्रवासियों ने मुख्य रूप से पंगोट-बुढलाकोट सड़क निर्माण हेतु राशि की मांग की। साथ ही क्षेत्र में पेयजल, विद्युत व्यवस्था समेत मोबाइल टावर भी लगाने की मांग की। इस दौरान शांति मेहरा, गोपाल रावत, किशन पांडे, संजय कुमार संजू, दयाकिशन पोखरिया, राजेंद्र सिंह कैड़ा, बहादुर सिंह रौतेला, देव सिंह बोरा, कृपाल सिंह, अनूप शाही, मुकेश पांडे, ललित मोहन, बद्री दत्त, हंसा दत्ता, आन सिंह, गोधन सिंह आदि थे।