हल्द्वानी। हाथी के हमले से शनिवार देर रात घायल हुए मजदूर की एसटीएच में उपचार के दौरान रविवार को मौत हो गई। शनिवार को किशनपुर नगर में हाथी को भगाने की कोशिश में यह मजदूर हाथी के काफी नजदीक पहुंच गया था। ग्रामीणों ने फायरिंग की और मशाल जलाई तो हाथी मजदूर को घायल छोड़कर जंगल में भाग गया था। प्रभागीय वन अधिकारी चंद्रशेखर सनवाल ने बताया कि मृतक के परिजनों को तीन लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
ओखलकांडा सनकोट का मूल निवासी 38 वर्षीय भीम सिंह पडियार पुत्र दान सिंह पडियार गौलापार किशनपुर नगर में रहकर बटाईदार और मजदूरी का काम करता था। शनिवार रात जंगल से एक हाथी खेतों की तरफ आ गया। ग्रामीणों ने हाथी को भगाने के लिए ढोल बजाया, लेकिन हाथी इससे टस से मस नहीं हुआ। हाथी खेत में फसल को नुकसान ही पहुंचाता रहा। हाथी को भगाने वाले लोगों में पडियार सबसे आगे चल रहा था। मजदूर हाथी के काफी नजदीक पहुंच गया तो हाथी ने मजदूर को सूंड़ में लपेटकर पटक दिया। ग्रामीणों ने मशाल दिखाई तो हाथी पीछे हटा था। हाथी के हमले से मजदूर का पेट फट गया और उसकी आंतें क्षतिग्रस्त हो गईं। ग्रामीण उसे लेकर भोटिया पड़ाव स्थित एक निजी अस्पताल गए। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। अंत में काठगोदाम थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी ने उसे सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने जांच में पाया कि मजदूर के पैर की हड्डियां भी जगह-जगह टूट गईं थीं। मजदूर के तीन बच्चे हैं। हाथी हमले के बाद देर रात फिर गांव की तरफ लौट कर आ रहा था। ग्रामीणों ने रोकने के लिए ताबड़तोड़ हवाई फायरिंग की। इस बीच पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी वन कर्मियों के साथ गौलापार पहुंच गए थे। बाद में हाथी जंगल की तरफ भागा तो लोगों ने राहत की सांस ली।
शनिवार को कराया गया था सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती
वन विभाग ने परिजनों के लिए तीन लाख रुपये का मुआवजा घोषित किया