रामनगर (नैनीताल)। उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क), पवलगढ़ प्रकृति प्रहरी एवं नौला फाउंडेशन की ओर से 13, 14 अप्रैल को पवलगढ़ गांव में दो दिवसीय सामाजिक जनजाग्रति प्लास्टिक फ्री कार्यशाला होगी। इसका विषय है- ‘पानी की आवाज सुनो, जंगल ही पानी है’। इसमें वन विभाग के अफसरों समेत यूसर्क के निदेशक डॉ. दुर्गेश पंत, पर्यावरणविद डॉ. रीमा पंत, वन्यजीव वैज्ञानिक डॉ. नवीन जोशी, प्रसिद्ध भूविज्ञानी डॉ. बहादुर सिंह कौटिल्य, पर्यावरणविद स्वामी वीत तमसो, किशन भट्ट, कृषि विज्ञानी डॉ. एके भारद्वाज, डॉ. गिरीश नेगी भी आएंगे। प्रसिद्ध पर्यावरणविद, चिंतक एवं नौला फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिशन सिंह ने बताया जल, जंगल, जमीन का विकास मानव के बगैर हो सकता है, लेकिन मानव का विकास जल, जंगल, जमीन के बिना असंभव है। यह हम सबको समझना होगा। यह कार्यशाला इको फ्रेंडली होगी, जिसमें किसी भी प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जाएगा।
पवलगढ़ गांव में दो दिवसीय कार्यशाला कल से