भीमताल (नैनीताल)। ओखलकांडा ब्लॉक के टीमर और बड़ौन गांव में उल्टी-दस्त और तेज बुखार के फैलने की सूचना पर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में पहुंची। टीम ने दोनों गांवों में स्वास्थ्य परीक्षण के तहत 70 लोगों का चेकअप किया। इसमें से 5 लोगों को सामान्य बुखार होने पर दवाइयां दीं। अन्य लोगों को भी सावधानियां बरतने की सलाह देते हुए दवाई दी गई। गांव में एक भी डायरिया का मरीज नहीं मिला। गांव के दो-तीन लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को पीलिया होने की शिकायत की। टीम ने ओखलकांडा स्वास्थ्य केंद्र में खून की जांच कराने की सलाह दी।
सोमवार को ओखलकांडा के टीमर गांव के लक्ष्मण सिंह की पुत्री अनीता (9) ने सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में उल्टी-दस्त और तेज बुखार के चलते मौत हो गई थी। मृत अनीता की बड़ी बहन शांति (12) को तेज बुखार आने पर ओखलकांडा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। शांति अब स्वस्थ है। फार्मेसिस्ट दीप्ति रौतेला ने बताया कि मृत बच्ची की मौत परिजनों की लापरवाही से हुई है। परिजनों ने बच्ची को ओखलकांडा के स्वास्थ्य केंद्र में न दिखाकर बंगाली डॉक्टर को दिखाया। बच्ची को कौन सी दवा दी ये पता नहीं चल सका। गांव में ओआरएस के घोल बांटे गए हैं। उन्होंने पानी उबालकर, ताजा खाना और बारिश में न भीगने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम में डॉ. अग्निवेश, एएनएम हेमलता बिष्ट शामिल थीं।