हल्द्वानी। काठगोदाम पुलिस की जांच में आया है कि कांग्रेस से निलंबित महक खान और उसके बेटे ने बीटेक की छात्रा का फर्जी निकाहनामा बनवाया था। पुलिस ने इस आधार पर मां और बेटे के खिलाफ धाराएं बढ़ा दी हैं। अदालत ने दोनों की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी है।
बीटेक की छात्रा के अपहरण के मामले में काठगोदाम पुलिस ने कारखाना बाजार निवासी ब्यूटी पार्लर संचालिका कांग्रेस नेत्री महक खान और उसके बेटे दानिश खान के खिलाफ अपहरण के तहत मुकदमा दर्ज किया था। छात्रा के भाई ने आरोप लगाया था कि महक ने उसकी बहन का स्कूल जाते समय अपहरण कराया था। काठगोदाम पुलिस ने छात्रा के भाई के बयान के आधार पर महक को अपहरण की साजिश के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। उसके बाद पुलिस टीम ने दिल्ली से छात्रा के साथ दानिश को पकड़ लिया। अपहरण के मामले में दानिश को भी जेल भेज दिया गया था।
अदालत में छात्रा के कलमबंद बयान दर्ज कराए गए। इस मामले में दानिश खान की तरफ से छात्रा के साथ गाजियाबाद में धर्मांतरण कर निकाह का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया। थानाध्यक्ष कमाल हसन ने बताया कि प्रमाण पत्रों की जांच कराई गई। जांच में निकाहनामा फर्जी पाया गया। पुलिस का कहना था कि एक ही दिन में पंजीयन और निकाहनामा संभव नहीं है। थानाध्यक्ष मां बेटे के खिलाफ अपहरण के अलावा धाराएं 420, 466, 467, 468, 469, 471 बढ़ा दी है। सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल ने बताया कि दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी है।