हल्द्वानी। नैनीताल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन की आम सभा में वक्ताओं ने कहा कि द नैनीताल बैंक को तीन वर्षों में निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। धीरे-धीरे बैंक ऑफ बड़ौदा की हिस्सेदारी कम करने का षड़यंत्र चल रहा है। आम सभा में बैंक को हड़ताल का नोटिस सर्व करने का प्रस्ताव पारित हुआ। साथ ही कहा गया कि प्रबंधन ने अगर मांगें नहीं मानी तो डिजिटल वेंचर का विरोध करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
रविवार को एमबी इंटर कालेज सभागार में नैनीताल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन की आम सभा हुई। आमसभा में 10 अप्रैल से चल रहे आंदोलन और नैनीताल स्थित मुख्यायल में प्रबंधन के साथ ही वार्ता के बारे में बताया गया। कहा गया कि डिजिटल वेंचर के नाम पर बैंक को निजी हाथों में बेचने की चल रही कवायद को वापस लेने, कंसल्टेंसी कल्चर खत्म करने और नैनीताल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के दुर्भावनात्मक किए गए स्थानांतरण पर प्रबंधन के साथ हुई वार्ता के बारे में बताया गया। बताया गया कि प्रबंधन ने आने वाली बोर्ड बैठक में हमारी मांगों को रखने का आश्वासन दिया है।
यूनियन के महासचिव पीयूष पयाल ने कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा द नैनीताल बैंक को बेचने के लिए डिजिटल वेंचर नामक प्रोजेक्ट को लाया गया। डिजिटल वेंचर के नाम पर बाजार से पूंजी जुटाई जाएगी और बैंक ऑफ बड़ौदा की हिस्सेदारी को कम करते हुए आने वाले तीन सालों में पूर्णतया निजी हाथों में दे दिया जाएगा। इस दौरान यूसी पांडे, डीएस सजवान, निशा कामत, रिंकी भंडारी, नितेश अग्रवाल, प्रखर पाटनी, दीपक सनवाल, मनोज द्विवेदी, राशिद खान, तरुण आनंद, अनिल जोशी, गौरव जोशी, जीवन जोशी आदि थे।