हल्द्वानी। अंतरराज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) को लेकर नए सिरे से कवायद शुरू हो गई है। वन विभाग ने आईएसबीटी के लिए तीन जगह जमीन तलाश कर जिलाधिकारी को ब्योरा भेजा है। साथ ही परिवहन विभाग से प्रस्ताव बनाकर वन विभाग को भेजने की बात भी कही है। आईएसबीटी हरीश रावत सरकार में वित्त मंत्री रहीं डॉ. इंदिरा हृदयेश के ड्रीम प्रोजेक्टों में शामिल रहा है। तब गौलापार में आईएसबीटी बनने पर मोहर भी लग गई थी। सरकार बदलने के साथ ही अब इस प्रस्ताव पर ग्रहण लग गया है। सूत्रों की मानें तो शासन स्तर से वन विभाग के अधिकारियों को अस्पताल और स्कूल के आसपास आईएसबीटी के लिए जमीन तलाशने के आदेश दिए गए थे। वन विभाग के अधिकारियों ने वानिकी प्रशिक्षण अकादमी (एफटीआई), फायर स्टेशन के पास एफटीआई की जमीन और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के पास तीनपानी में जमीन तलाश कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेज दी है। माना जा रहा है कि एफटीआई की जमीन पर आईएसबीटी बनाने के लिए केंद्रीय वन मंत्रालय से हरी झंडी लेनी पड़ेगी।
आईएसबीटी के लिए एफटीआई, फायर स्टेशन के पास पड़ी एफटीआई की जमीन और तीनपानी के पास की जमीन का सुझाव जिलाधिकारी को भेजा गया है। जिलाधिकारी से आग्रह किया गया है कि परिवहन विभाग आईएसबीटी के लिए जमीन संबंधी प्रस्ताव बनाकर वन विभाग को भेजे।
डॉ. पराग मधुकर धकाते, वन संरक्षक, पश्चिमी वृत्त
मुख्यमंत्री कार्यालय से आईएसबीटी के लिए जमीन संबंधी प्रस्ताव मांगा गया था। डॉ. पराग मधुकर धकाते वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त को इस आशय का पत्र भेजा गया है। डॉ. धकाते की ओर से अभी कोई पत्र नहीं मिला है। डॉ. धकाते को जमीन संबंधी प्रस्ताव की जानकारी शासन को भेजनी है और उसकी एक प्रति मुझे देनी है।
दीपेंद्र कुमार चौधरी, डीएम नैनीताल