रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत कैंट के सिविल एरिया को चिलियानौला नगर पालिका में शामिल करने को लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने मुख्य सचिव को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि अभी राज्य सरकार की तरफ से केंद्र को इस संबंध में प्रस्ताव नहीं गया है। मालूम हो कि एक साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रानीखेत चिलियानौला नगर पालिका की घोषणा की थी, चिलियानौला नगरपालिका बन चुकी है, लेकिन रानीखेत कैंट के सिविल एरिया को अभी तक नगरपालिका में शामिल नहीं किया गया है।
इस संबंध में छावनी उपाध्यक्ष और भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य मोहन नेगी ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर तत्काल रानीखेत के सिविल एरिया को चिलियानौला नगर पालिका में शामिल करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की मांग की थी। उन्होंने ज्ञापन में कहा था कि केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने पूर्व में गुजरात की नसवीराबाद कैंट और हिमाचल की स्योल कैंट के सिविल एरिया को निकटवर्ती नगर पंचायतों अथवा पालिकाओं में जोड़ने का प्रस्ताव पास कर चुकी है। इसी तर्ज पर रानीखेत के सिविल एरिया को भी चिलियानौला नगर पालिका में शामिल किया जाए। मालूम हो कि रानीखेत छावनी के अधीन होने के कारण लोगों के कार्य आसानी से नहीं हो पाते, भवन निर्माण, लीज नवीनीकरण, दाखिल खारिज सहित तमाम मसलों को लेकर लोगों को छावनी कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। एक साल पूर्व घोषणा के बाद प्रशासन ने छावनी के अंतर्गत सिविल एरिया की 161.511 एकड़ भूमि और 13 हजार जनसंख्या को नगरपालिका में शामिल करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था। इधर छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से इस बारे प्रशासनिक रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। इससे उम्मीद है कि शीघ्र ही राज्य सरकार प्रस्ताव केंद्र को भेजेगी।