हल्द्वानी। सोशल मीडिया पर लीसा ठेकेदार से रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल होने के बाद सुर्खियों में आए चंपावत के प्रभागीय वनाधिकारी एके गुप्ता को देहरादून मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। प्रमुख वन संरक्षक राजेंद्र कुमार ने गुप्ता के खिलाफ जांच का जिम्मा वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी को सौंपकर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा है।
चंपावत के प्रभागीय वनाधिकारी एके गुप्ता का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें गुप्ता एक लीसा ठेकेदार से खाली टिन का बकाया देने के एवज में रिश्वत मांग रहे थे। इस ऑडियो को संज्ञान लेते हुए प्रमुख वन संरक्षक ने वन अनुसंधान हल्द्वानी में तैनात वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी को जांच करने के निर्देश दिए हैं। लिखित आदेश में संजीव को चीड़ की छिलका गुलिया के नाम पर हो रहे वृक्षों की तस्करी की भी जांच करने को कहा है। गौरतलब है कि बीती 30 जून को टनकपुर पुलिस ने एक ट्रक संख्या यूके 05 सीए 0687 को पकड़ा था इसमें 50 क्विंटल चीड़ की छिलका गुलिया के स्थान पर चीड़ के लट्ठे थे। पुलिस ने वाहन को वन विभाग को सौंप दिया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि प्रभागीय वनाधिकारी चंपावत एके गुप्ता ने अनुमति दी थी इस बाबत उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया था। संजीव चतुर्वेदी को एक सप्ताह के भीतर गुप्ता के पिछले छह सालों से छिलका गुलिया के जारी किये रवन्ने, जंगलों का भौतिक निरीक्षण कर जांच करने को कहा गया है। वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि प्रभागीय वनाधिकारी चंपावत एके गुप्ता के खिलाफ जांच करने के आदेश मिल गए हैं।