हल्द्वानी। कुत्तों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को शहर में आठ लोगों को कुत्तें ने काट लिया। अभी तक आवारा कुत्ते लगभग 80 से अधिक लोगों को काट चुके हैं। उसके बाद भी नगर निगम और पशुपालन विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं।
रविवार को जिला अस्पताल में आठ मामले आवारा कुत्तों को काटने के सामने आए। लेकिन नगर निगम के अधिकारी इस ओर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। नियमानुसार नगर निगम की ओर से आवारा कुत्तों को पकड़ा जाता है और पशुपालन विभाग की ओर से इन कुत्तों का बधियाकरण कर रैबीज वैक्सीन लगाई जाती है।
लेकिन नगर निगम के अधिकारी आपस में ही उलझे हुए हैं। विभाग के अधिकारी इसे लेकर खुद ही आपस में लड़ रहे हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तुहीन कुमार का कहना है कि कुत्ता पकड़ने का काम उनका नहीं है। फिर भी टीएस को लिखा गया है। उधर नगर निगम के टीएस का कहना है कि ये काम नगर स्वास्थ्य अधिकारी का है। स्वास्थ्य उनके अंदर आता है और एनिमल बर्थ कंट्रोल का काम भी वहीं देख रहे हैं। उधर पशुपालन विभाग के डॉ. डीसी जोशी का कहना है कि नगर निगम की ओर से कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। जबकि निगम के पास न तो कुत्ते पकड़ने के लिए ट्रेंड कर्मचारी हैं, न ही एनिमल कैचर। निगम के कर्मचारी कुत्ते पकड़कर दें तो वह एंटी रैबीज लगाने को तैयार हैं।