हल्द्वानी। एक समय था जब मतदाता विधायक और सांसद का चुनाव बैलेट पेपर पर मोहर लगाकर करते थे। समय बदला तो पहले ईवीएम मशीन से वोट पड़ने लगे और अब ईवीएम के साथ साथ वीवीपैट जैसी मशीन आ गई। तकनीक के इस दौर में अब चुनाव से जुड़े अधिकांश कार्य भी डिजिटल होने लगे हैं। इस चुनाव में अधिकारियों ने सूचनाओं और निर्देशों के आदान प्रदान के लिए व्हाट्सएप ग्रुपों की मदद तो ली ही अब अन्य कार्यों में भी डिजिटल तकनीक की मदद ली जा रही है।
धीरे-धीरे डिजिटल हो रहा है चुनाव
मोबाइल और यू ट्यूब पर भी देख सकेंगे स्ट्रांग रूम का नजारा, एसएमएस-वे से फटाफट मिलेगा मतदान का प्रतिशत
एसएमएस-वे से मिलेगी घंटे दर घंटे मतदान के प्रतिशत की रिपोर्ट
हल्द्वानी। चुनाव में मोबाइल की भूमिका बेहद अहम साबित हो रही है। इस चुनाव में प्रत्येक घंटे में हुए मतदान का प्रतिशत जानने के लिए निर्वाचन आयोग मोबाइल तकनीक की मदद लेगा। अपर जिला निर्वाचन अधिकारी विनीत कुमार के मुताबिक इसे एसएमएस-वे नाम दिया गया है। उन्होंने बताया कि पीठासीन अधिकारियों, सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों के मोबाइल नंबर को एक साफ्टवेयर में पंजीकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि जब भी कोई पीठासीन अधिकारी, सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट अपने अपने क्षेत्र से अपने मोबाइल से एसएमएस कर मतदान का प्रतिशत भेजेगा तो वह कंट्रोल रूम में लगे डिस्प्ले में न केवल दर्ज होगा बल्कि स्क्रीन पर भी नजर आएगा। इससे मतदान का प्रतिशत पिछले वर्षों की अपेक्षा कहीं अधिक जल्द कंट्रोल रूम को उपलब्ध होगा।
112 बूथों से मतदान प्रक्रिया लाइव
हल्द्वानी। जिले की छह विधानसभा क्षेत्रों में 943 मतदान स्थलों के 112 चयनित पोलिंग बूथों में वेब कास्टिंग की व्यवस्था है। इन बूथों में सीसीटीवी लगाए गए हैं जो पोलिंग बूथ के भीतर सुबह से शाम तक मतदान प्रक्रिया को न केवल रिकार्ड करेंगे बल्कि उनका सीधा प्रसारण भी करेंगे। इस लाइव प्रसारण को न केवल एमबीपीजी कालेज में बनाए गए वैब कास्टिंग प्रकोष्ठ में लगाई गई दो बड़ी स्क्रीनों में देखा जा सकता बल्कि दिल्ली और देहरादून में बैठे निर्वाचन अधिकारी भी इसे अपने यहां देख सकते हैं।
मोबाइल और यू ट्यूब पर स्ट्रांग रूम का नजारा
हल्द्वानी। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद पोलिंग बूथों से पहुंची सभी ईवीएम और वीवीपैट मशीनें एमबीपीजी कालेज में विधानसभा वार बनाए गए स्ट्रांग रूम में रखी जाएंगी। स्ट्रांग रूम में भीतर से लेकर बाहर तक चप्पे-चप्पे में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। थ्री टीयर सुरक्षा वाले स्ट्रांग रूम में सुरक्षा इतनी म़जबूत होगी कि वहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। लेकिन निर्वाचन से जुड़े आला अधिकारी स्ट्रांग रूम के आसपास की गतिविधियों को अपने मोबाइल अथवा यू ट्यूब पर भी देख सकते हैं। अपर जिला निर्वाचन अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को एक लिंक भेजा जाएगा। जिसके माध्यम से स्ट्रांग रूम पर नजर रखी जा सकती है।