भवाली (नैनीताल)। उत्तर क्षेत्र के उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों ने न्यायिक प्रक्रिया को सुलभ, सरल बनाने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि वादकारियों को त्वरित न्याय मिले और उन्हें कोई परेशानी न हो।
उत्तराखंड न्यायिक अकादमी (उजाला) में न्यायिक सुधार पर दो दिवसीय नॉर्थ जोन रीजनल कांफ्रेंस के समापन अवसर पर जस्टिस संजीव सचदेवा, जस्टिस यूसी ध्यानी, जस्टिस जी रघुराम ने न्यायिक प्रक्रिया के क्षेत्र में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर दिया। कहा कि न्यायिक प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के सदुपयोग की जरूरत है। कार्यशाला में न्याय प्रक्रिया तक आम आदमी की पहुंच और उच्च अदालतों के साथ निचली अदालतों के तालमेल पर भी चर्चा हुई। उजाला के निदेशक प्रशांत जोशी ने आभार जताया। कार्यशाला में जस्टिस दीपक सिबल, जस्टिस मनोज मिश्रा, जस्टिस रमेश सिन्हा, जस्टिस दिनेश कुमार, जस्टिस संजीव सचदेवा, जस्टिस संगीता ढींगरा, जस्टिस यूसी ध्यानी, जस्टिस विवेक चौधरी, जस्टिस धरम चंद्र चौधरी, जस्टिस जसप्रीत सिंह समेत पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा के लगभग 150 जजों ने प्रतिभाग किया।
सरल, सुलभ बनाई जाए न्याय प्रक्रिया
न्यायिक अकादमी भवाली में नॉर्थ जोन कांफ्रेंस संपन्न