फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गैस भरे टैंकर केबिन में लगी आग, मचा हडकंप, बमुशिकल आग पर काबू

विज्ञापन
विज्ञापन
हल्दूचौड़ (नैनीताल)। मोटाहल्दू स्थित इंडियन गैस बाटलिंग प्लांट के बाहर हाईवे किनारे खड़े 21 टन गैस से भरे कैप्सूल टैंकर में रविवार रात साढ़े तीन बजे आग लगने हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूझबूझ से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग लगने से कैप्सूल का केबिन जलकर नष्ट हो गया। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।
विज्ञापन

प्लांट के समाने बिंध्यवासिनी पेट्रोल पंप के बाहर कुकिंग गैस से भरा टैंकर (कैप्सूल) यूपी 17 एटी-3978 खड़ा था। चालक केबिन में सोया हुआ था। अचानक तेज गंध आने पर नींद टूटी तो आग लगी देख हक्का बक्का रह गया। उसने इसकी सूचना इंडेन गैस बाटलिंग प्लांट के गेट पर दी गई। तीन बजकर पचास मिनट पर प्लांट से अचानक खतरे का सायरन बजने लगा। सायरन सुनकर सुरक्षा कर्मियों के साथ आस पास के ग्रामीण पहुंच गए। तब तक केबिन ने लपटें पकड़ ली थी। चौकी प्रभारी बिमल मिश्रा और फायर ब्रिगेड कर्मचारी भी पहुंच गए। आधे घंटे के प्रयास के बाद आग पर काबू पा लिया गया।


गैस भरे टैंकर के केबिन में लगी आग, हड़कंप
मोटाहल्दू में इंडियन गैस बाटलिंग प्लांट के बाहर हाईवे पर हादसा, 21 टन गैस से भरा था कैप्सूल
12 से ज्यादा ट्रक खड़े थे गैस सिलिंडर से भरे हुए
03 सुरक्षा कर्मचारी ही तैनात थे प्लांट में घटना के समय


वर्ना तबाह हो जाता पूरा इलाका
हल्द्वानी। आग पर काबू पाकर बड़े हादसे को बचा लिया। प्लांट से गैस सिलेंडर से भरे एक दर्जन ट्रक पेट्रोल पंप और हाईवे पर खड़े थे। प्लांट के अंदर तीन बुलेट गैस टैंक स्थापित हैं। वे गैस से भरे हुए थे। एक टैंक में लगभग 60 सेे 70 टन के करीब गैस आती है। यानी तीनों टैंकरों में लगभग 190 टन गैस थी। स्टोर के अलावा हजारों की गैस के सिलेंडर भरे रहते हैं।
विज्ञापन

लोगों का कहना है कि हादसा चालक की लापरवाही से हुआ है। प्लांट के पास सुरेंद्र सती, कैप्टन राजेंद्र सती, भाष्कर भट्ट के अलावा कई लोगों के मकान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार की कई घटनाएं हो चुकी हैं मगर प्रबंधन तंत्र ने संज्ञान नहीं लेता। यह भी आरोप लगाया कि गैस भरे टैंकर चालक रात में नशे में रहते हैं। अपने टैंकरों को हाईवे पर ही पार्क कर देते हैं। केबिन में मच्छरों से बचने के लिए कॉईल जलाकर सो जाते हैं।


वाहनों को खड़ा करने के लिए प्लांट के अंदर पार्किंग है लेकिन चालक अपनी मर्जी और अपनी सुविधा के अनुसार वाहनों को हाईवे किनारे ही पार्क करते हैं। मामले की जांच की जा रही है जो भी दोषी होगा उसके खिलार्फ कार्रवाई की जाएगी।
-अनुराग सिन्हा, वरिष्ठ प्लांट प्रबंधक इंडेन गैस बाटलिंग प्लांट

वरिष्ठ प्रबंधक को कोतवाली बुलाकर हिदायत दी गई है कि राष्ट्रीय राज मार्ग पर वाहनों को पार्क किए जाने के बाद यदि ऐसी घटना फिर होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रबंध तंत्र की होगी।
विज्ञापन

-योगेश चंद्र उपाध्याय कोतवाल लालकुआं
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें