हल्द्वानी। उत्तराखंड प्रभागीय लेखाधिकारी-लेखाकार संघ की वार्षिक आम सभा में पीएजीएसवाई खंडों में खंडीय लेखाकार के पदों के सृजन की मांग उठाई गई।
रामपुर रोड स्थित एक होटल में रविवार को आयोजित वार्षिक आम सभा का शुभारंभ उप महालेखाकार एनके डबराल, सहायक आयुक्त राज्य कर विनय ओझा ने किया। एनके डबराल ने कहा कि लेखाधिकारी राज्य, केंद्र सरकार के बीच सेतु का काम करते हैं। कहा कि विकास कार्यों में जनता के धन के उपयोग के प्रभावी नियंत्रण में सहायक होते हैं। उनकी जिम्मेदारी बहुत अहम है। सहायक आयुक्त विनय ओझा ने जीएसटी की जानकारी दी। उन्होंने लेखा रखने के संबंध में, टीडीएस कटौती के बारे में बताया। इस मौके पर लेखाधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय बोरा, पद्मेंद्र सिंह, संजय तिवारी, सुनील निगम, मानस पांडे, गणेश राणा, डीएस तोमक्याल, एनएस मेहता आदि थे।
लोनिवि, सिंचाई खंडों में सृजित हों लेखाधिकारी के पद
उत्तराखंड प्रभागीय लेखाधिकारी संघ की वार्षिक आम सभा
लेखाधिकारी संघ ने वित्तमंत्री को सौंपा ज्ञापन
लेखाधिकारी संघ ने अपनी मांगों का ज्ञापन वित्तमंत्री प्रकाश पंत को सौंपा। वित्तमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में संघ ने कहा कि अभियंत्रण विभागों में लेखाधिकारी वित्तीय सलाहकार के रूप में काम करते हैं। खंड में लेखा संबंधी न्यायालय वाद, कराधान, आयकर, जीएसटी, राजकीय कर संबंधी कार्य करते हैं। कहा कि सभी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत लोनिवि, सिंचाई, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा में कुल 34 पदों पर लेखाकारों को तैनात नहीं किया जा रहा है। विभागों के ईई के माध्यम से महालेखा परीक्षक से इन पदों पर लेखाकारों के तैनाती की मांग की जाती रही है। वित्तमंत्री प्रकाश पंत ने शीघ्र ही पद स्वीकृत कराने का आश्वासन दिया। साथ ही सिंचाई और लोनिवि विभाग के प्रमुख सचिवों से पद स्वीकृत कराने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा।