हल्द्वानी। जोहार की परंपरागत वेशभूषा में निकाले गए सांस्कृतिक जुलूस के साथ नवें जोहार महोत्सव का रंगारंग आगाज हो गया है। परंपरागत वेशभूषा में जोहारी शौका समाज ने जोहार मिलन केंद्र से शौका संस्कृति की शानदार झांकी प्रदर्शित की। महोत्सव का उद्घाटन मेडिकल से सेवानिवृत्त आईजी डॉ. मंगल सिंह मर्तोलिया ने किया।
एमबी इंटर कालेज परिसर में आयोजित जोहार महोत्सव में जोहारी महिलाओं के ‘रौकिंग शौक्यांणी ग्रुप’ ने ‘’दैंणा होए खोली का गणेश हे, दैंणा होए मोरी का नरैंणा हे, दैंणा होए भूमि का भुम्याला हे, दैंणा होए पंचनाम देवा हे’ गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की। जोहार से आए छोलिया नर्तकों ने शानदार छोलिया नृत्य पेश किया।
कलाकारों ने देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों से समां बांधा। प्रसिद्ध लोक गायक जितेंद्र सिंह तोमक्याल ने ‘ओ रंगीरी धाना, हौसिया पराणा’, गोविंद दिगारी ने ‘पहाड़ छूटि ग्यो, परदेश जांणै ले’, खुशी जोशी दिगारी ने ‘घास काटूलो ईजू ऊंचा डाना मां, याद तेरी भौते आली मन मन मां’, पुष्कर मेहरा ने सरूली देवीधूरा की, छाई रै छै, कैलाश कुमार ने ‘अहा रे मेरो जोहार, अ हा रे मेरो मुनस्यार’ और ‘रंगीली बिंदी घाघरी काई, धोती लाला चुनर वाई’, प्रह्लाद मेहरा ने ‘तेरो कतू भौल रूप देखीं छौ, त्वै सारवे कुमाऊं समायूं छौ’, नरेंद्र टोलिया ने ‘क बटी कमला, त बटी त्यार दगाड़, ह बटी है ग्योछ यानी कमला त्यार दगाड़ प्यार है ग्योछ’ गीत सुनाकर खूब वाहवाही लूटी।
जोहार सांस्कृतिक एवं वेलफेयर सोसायटी के संरक्षक गजेंद्र सिंह पांगती ने शौका समाज के उत्थान, शौका समाज के इतिहास से नई पीढ़ी को अवगत कराया। अध्यक्ष देवेंद्र सिंह धर्मशक्तू, महासचिव भूपेंद्र सिंह पांगती ने आभार जताया। सांस्कृतिक सचिव नरेंद्र टोलिया के संचालन में हुए कार्यक्रम में कैलाश पांगती, कैलाश धर्मशक्तू, महेश मर्तोलिया, धाम सिंह मर्तोलिया, केदार मर्तोलिया, केदार वबृजवाल, जितेंद्र मर्तोलिया आदि मौजूद रहे।
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सांस्कृतिक जुलूस के साथ शुरू हुआ जोहार महोत्सव