हल्द्वानी। ऊधमसिंह नगर की नई जेल अब रजपुरा किच्छा के 16.200 हेक्टेअर जमीन पर बनेगी। डीएम ने गृह विभाग को जमीन हस्तानांतरित कर दी है। पूर्व में गड़रियाबाग में जेल को दी गई जमीन की स्वीकृति निरस्त कर दी गई है। नई जमीन पर जेल बनाने के लिए आईजी जेल ने मानचित्र को स्वीकृति प्रदान कर दी है। हाईकोर्ट के आदेश के तहत सिंचाई विभाग को एक महीने में डीपीआर और शासन को दो साल के अंदर नई जेल तैयार करनी है।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्या ने बताया कि गड़रियाबाग में स्वीकृत जमीन बरेली-हल्द्वानी मोटर मार्ग से दो किलोमीटर दूर थी। नई जमीन मुख्य मार्ग से एक किलोमीटर दूर है। इस जमीन पर जेल के अलावा कोई ऐतिहासिक या धार्मिक निर्माण नहीं किया जाएगा। सिंचाई विभाग ने जेल तैयार करने के लिए 150 करोड़ के खर्च का आंकलन किया है।
ऊधमसिंह नगर में जेल निर्माण की कवायद तीन साल से चल रही है। इस मामले में हाईकोर्ट ने जेल निरीक्षण के दौरान टिप्पणी की थी। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि हल्द्वानी उप कारागार में कैदियों की संख्या ज्यादा है। प्रदेश सरकार को ऊधमसिंह नगर के लिए जेल निर्माण कराना चाहिए। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद जेल और प्रशासनिक अधिकारियों ने जमीन की तलाश तेज की।
डीएम ऊधमसिंह नगर ने गृह विभाग को भेजा प्रस्ताव, गड़रियाबाग में स्वीकृत जमीन का आदेश निरस्त
01 महीने में सिचाई विभाग को तैयार करनी है डीपीआर
150 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान, 16 हेक्टेअर जमीन का प्रस्ताव