हल्द्वानी। 23 वर्ष पहले स्नातक या स्नातकोत्तर की परीक्षा दी और आज तक अपनी मार्कशीटें लेने नहीं आए। एमबीपीजी कालेज में 60 से 65 हजार मार्कशीटें अलमारियों में धूल फांक रहीं हैं। ये मार्कशीट 1995 से लेकर पिछले वर्ष तक हैं।
कर्मचारियों ने बताया कि अलमारियों में वर्ष 1995 से लेकर 2017 तक की पुरानी मार्कशीटें संभाल कर रखी गई हैं। ये उन हजारों छात्र- छात्राओं की मार्कशीटें हैं जिन्होंने बीए, बीकॉम और एमए, हिंदी, समाजशास्त्र, शिक्षाशास्त्र, एमकॉम समेत विभिन्न कक्षाओं की परीक्षा दी और अब तक मार्कशीट लेने नहीं आए। इनमें परीक्षा उत्तीर्ण और अनुत्तीर्ण दोनों तरह की मार्कशीटें शामिल हैं।
बताते हैं कि एमए शिक्षाशास्त्र की ही पांच हजार से अधिक मार्कशीटें हैं जो कि यूपी के विभिन्न जिलों के विद्यार्थियों की हैं जो कि परीक्षा देने के बाद नहीं आए। कर्मचारियों के मुताबिक पांच दिन पहले ही आठ वर्ष पुरानी मार्कशीट लेने के लिए दिल्ली से एक व्यक्ति आया था जिसे मार्कशीट ढूंढ कर दी गई। प्राचार्य डा. रेखा पांडे ने कहा कि मार्कशीट वितरित करने के लिए कक्षावार कर्मचारियों की ड्यूटी लगा रखी है।
एमबीपीजी कालेज में 23 साल से 60 हजार से अधिक मार्कशीटें धूल फांक रही हैं