गरमपानी (नैनीताल)। डायरिया रोगी की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की दो टीमों ने सोमवार को बेतालघाट ब्लॉक के तिराड़ी, सिमलखा गांव का दौरा किया। बताया कि प्रदूषित पानी से डायरिया फैला। गांव के 16 लोगों को दवाई बांटकर बचाव के उपाय बताए।
तिराड़ी गांव निवासी ईश्वर सिंह के परिजनों को शनिवार से उल्टी-दस्त हो रही थी। रविवार सुबह सीएचसी खैरना लाते समय छोटी बेटी नेहा (5) ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। ईश्वर सिंह की बड़ी बेटी दिशा (8) को भी उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर परिजन रविवार रात उसे सीएचसी खैरना लाए। ईश्वर सिंह की पत्नी गंगा देवी सोमवार सुबह खुद सीएचसी खैरना पहुंची। ईश्वर सिंह की तीसरी बेटी गुनगुन (2) अब ठीक है। गांव पहुंचे डॉक्टरों ने वहां 17 परिवारों का स्वास्थ्य निरीक्षण कर उषा (8) पुत्री प्रताप सिंह, पंकज सिंह (11) पुत्र भगवत सिंह का इलाज किया। 16 लोगों को दवाइयां बांटी गईं। टीम ने गांव की टंकी के पानी का नमूना लिया। पाया कि लंबे समय से टंकी की सफाई नहीं हुई थी, जिसे तत्काल साफ करने को कहा गया। वहीं सिमलखा गांव में पहुंची दूसरी टीम को हर्षिता जलाल पुत्री हीरा सिंह का पहले से ही उल्टी-दस्त की शिकायत पर इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने हर बस्ती में सफाई रखने, ताजा भोजन करने, उबालकर ठंडा किया गया पानी पीने के निर्देश दिए। ग्रामीणों को स्वच्छता के लिए जागरूक भी किया गया। इस दौरान एसीएमओ डॉ. बलवीर सिंह, डॉ. सतीश पंत, डॉ. अनिल गंगवार, फार्मेसिस्ट जितेंद्र कुमार, मदन गिरी, गिरीश चंद्र पांडे, नंदन कांडपाल, पंचायत सदस्य दिलीप सिंह जीना, एएनएम योगिता जोशी, आशा कार्यकर्ता पुष्पा जोशी, बसंती देवी आदि थे।
स्वास्थ्य विभाग ने 16 लोगों को दवाई दी
डायरिया रोगी की मौत के बाद डॉक्टर तिरोणी-सिमलखा गांव पहुंचे