हल्द्वानी। जीएसटी से कर चोरी का माल लाने के खेल में रेलवे कर्मियों के रिश्तेदारों की संलिप्तता की जांच शुरू हो गई है। सूत्रों की मानें तो ट्रेनों के जरिए आने वाले कर चोरी का माल रेलवे कर्मियों के रिश्तेदारों की मदद से सरकारी आवासों, प्लेटफार्म के समीप झाड़ियों में छिपा दिया जाता है। सुबह से शाम तक कर चोरी का माल आवासों में ही छिपा रहता है। जब शाम को जीएसटी सचल दस्ता रवाना हो जाता है तब वहां से माल निकाला जाता है। इसकी भनक रेलवे और जीएसटी के आला अधिकारियों को लग गई है। अब अधिकारियों ने इसकी जांच शुरू कर दी है।
काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर रात्रि आठ बजे के बाद सफेद रंग की लग्जरी कार संदिग्ध हालात में घूमती दिख रही है। यह कार आरपीएफ चौकी के पास वाले गेट पर खड़ी हो जाती है फिर एक डेढ़ घंटे बाद रवाना होती है। इसी तरह एक आल्टो कार भी संदिग्ध हालात में रात को माल लाने ले जाने में देखी गई है।
ट्रेनों से कर चोरी का माल लाने में कुछ रेलवे कर्मियों के रिश्तेदारों के शामिल होने की शिकायत मिली है इसकी जांच की जाएगी।
-विनय प्रकाश ओझा, सहायक आयुक्त राज्य कर