हल्द्वानी। एक सप्ताह पहले आई आंधी, बिजली के बढ़ते उपभोक्ता, बढ़ते लोड से निपटने के लिए ऊर्जा निगम ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि से लेकर लाइनों को भी बदलेगा। ईई ग्रामीण ने वर्ष 2018-19 का वर्किंग प्लान तैयार कर लिया है। इसे स्वीकृति के लिए एसई को भेजा जाएगा।
कमलुवागांजा 33केवी उपकेंद्र में 10 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगे हैं। ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाकर 25 एमवीए की जाएगी। कठघरिया में लगे 16 एमवीए के दो ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाकर 20 एमवीए की जाएगी। जबकि मुखानी क्षेत्र का लोड कम करने के लिए 11केवी की लाइन बनाई जाएगी। नई लाइन बनने के बाद आधा लोड कमलुवागांजा, आधा कठघरिया उपकेंद्र पर डाला जाएगा। लाइन बनने के साथ ही दोनों उपकेंद्रों में अलग फीडर भी बनाए जाएंगे। लो वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए 20 केवीए के सौ ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। ट्रांसफार्मर लगाने के लिए निगम स्थानों का चयन कर रहा है। 15 से 20 किमी की लंबी उच्च गुणवत्ता वाले तार भी डाले जाएंगे।
कमलुवागांजा 33केवी, कठघरिया 33केवी उपकेंद्र की क्षमता वृद्धि होगी
मुखानी तक 11केवी की पांच किमी लंबी लाइन बनेगी साथ ही फीडर भी बनेगा
2018-19 के लिए वर्किंग प्लान तैयार किया जा रहा है। इसमें ढाई से तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रस्ताव स्वीकृति के लिए जल्द उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।
- अमित आनंद, ईई, ग्रामीण विद्युत वितरण खंड।
ग्रामीण को दो डिवीजन में तोड़ने की तैयारी
हल्द्वानी। हल्द्वानी ग्रामीण क्षेत्र में सबसे अधिक बिजली उपभोक्ता हो गए हैं। क्षेत्र भी काफी लंबा है। हल्द्वानी ग्रामीण को दो डिवीजन में तोड़ने की बात चल रही है। एसई ने सब डिवीजन बनाने का प्रस्ताव यूपीसीएल को भेज दिया है। नियम के तहत 30 हजार उपभोक्ता होने पर एक नया डिवीजन बनाया जा सकता है। हल्द्वानी ग्रामीण क्षेत्र मेें 72 हजार से अधिक उपभोक्ता हैं। कमलुवागांजा क्षेत्र में ही 36 हजार उपभोक्ता हैं। 29 मई को आए आंधी तूफान में तीन टावर गिर गए थे। साथ ही 33केवी के पोल, 11केवी के अलावा एलटी लाइन टूटी थी। एसई शेखर त्रिपाठी ने बताया कि डिवीजन बनाने को लेकर भी उच्चाधिकारियों से बात करेंगे।