हल्द्वानी। रियल स्टेट के क्षेत्र में कार्य कर रहीं कंपनियां, कॉलोनियां काट रहे लोग रियल स्टेट रेग्यूलेटर (रेरा कानून) के तहत समय पर पंजीकरण करा लें। नए प्रावधानों के तहत समय पर पंजीकरण न करने पर उनसे जुर्माना वसूला जाएगा। उत्तराखंड शासन के आवास अनुभाग के सचिव अमित नेगी ने इस संबंध में नए निर्देश जारी कर दिए हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा भू संपदा (विनिमय और विकास) अधिनियम 2016 और उत्तराखंड रियल स्टेट रूल्स 2017 के प्रावधानों के तहत रेरा सेल उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण के समक्ष चालू परियोजनाओं के पंजीकरण के लिए तारीखें तय कर दी हैं। रेरा कानून के अधीन आने वाले बिल्डर, रियल स्टेट कारोबारी और कॉलोनियां काटने वालों को तय तारीख पर पंजीकरण कराना होगा। उन्होंने बताया कि 28 फरवरी तक निशुल्क पंजीकरण कराया जा सकता है, उसके बाद एक मार्च से 31 मार्च तक पंजीकरण कराने वालों से परियोजना लागत का एक फीसदी, एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक परियोजना लागत का दो फीसदी, एक मई से 31 मई तक परियोजना लागत का पांच फीसदी, पहली जून के बाद पंजीकरण कराने वालों से परियोजना लागत का दस फीसदी अतिरिक्त शुल्क जुर्माने के रूप में वसूला जाएगा। उन्होंने सभी कारोबारियों से समय पर पंजीकरण कराने की अपील की है।