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हल्द्वानी मंडी हर हाल में शिफ्ट होगी

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हल्द्वानी। अंतरराज्यीय बस अड्डे के साथ ही हल्द्वानी मंडी का विवाद भी अब भाजपा सरकार की गले की फांस बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री भले ही कह रहे हों कि मंडी शिफ्ट नहीं होगी लेकिन कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने फिर दोहराया है कि मंडी शिफ्ट होगी और मंडी के लिए जमीन देखी जा रही है। सुबोध उनियाल का कहना है कि हल्द्वानी मंडी को अत्याधुनिक बनाने के लिए यह जरूरी है।
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दो दिन पहले ही कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा था कि हल्द्वानी मंडी को शिफ्ट किया जा रहा है। सुबोध का कहना था कि हल्द्वानी मंडी बेहद कीमती जगह पर है और इसके विस्तार की गुंजाइश न के बराबर है। इस जमीन को बेच कर हल्द्वानी मंडी को दूसरी जगह स्थापित किया जाएगा। इसी के साथ यह संभावना भी टटोली जा रही थी कि मंडी के शिफ्ट होने पर यहां अंतरराज्यीय बस अड्डा भी स्थापित किया जा सकता है। वैसे भी मंडी को लोकेशन के हिसाब से अंतरराज्यीय बस अड्डे के लिए सबसे बेहतर जगह माना जा रहा है।
मंडी शिफ्ट होने की बात आते ही कई स्थानीय भाजपा नेता और मंडी के व्यापारी विरोध में उतर आए थे। भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री के हवाले से मंडी शिफ्ट न होने की बात कहकर स्थानीय व्यापारियों के विरोध को शांत करने की कोशिश भी की थी। खुद मुख्यमंत्री ने देहरादून में यह कहा था कि न तो मंडी शिफ्ट हो रही है और न ही अंतरराज्यीय बस अड्डे को मंडी में बनाया जा रहा है। बस अड्डे के लिए दूसरी जमीन देखी गई है।
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इस सारे विवाद के बाद अब कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने फिर दोहराया है कि मंडी हर हाल में शिफ्ट होगी। पूछे जाने पर कृषि मंत्री ने कहा कि हल्द्वानी मंडी को अत्याधुनिक बनाने के लिए मंडी को शिफ्ट किया जाना जरूरी है। मंडी के विस्तार के लिए आसपास कोई जमीन नहीं है। हल्द्वानी मंडी अब व्यस्त यातायात वाले क्षेत्र में है।
दूसरी ओर, जमीन के मामले में कृषि मंत्री भी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की तरह ही फंसे हुए नजर आ रहे हैं। मंत्री के मुताबिक हल्द्वानी मंडी के लिए जमीन खोजी जा रही है। अंतरराज्यीय बस अड्डे के मामले में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत का रुख भी यही है। बस अड्डे के लिए नई जमीन चिह्नित होने का दावा तो किया जा रहा है पर वह इस बात का खुलासा नहीं कर रहे हैं कि जमीन हैं कहां।

रहिमन धागा प्रेम का...

अंतरराज्यीय बस अड्डा और मंडी प्रकरण कांग्रेस से आए नेताओं और भाजपा में पहले से मौजूद नेताओं के बीच के रिश्तों की असहजता की ओर भी इशारा कर रहा है। हल्द्वानी मंडी के मामले में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत साफ कह चुके हैं कि मंडी शिफ्ट नहीं होगी। पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के नजदीकी और कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में पहुंचे कृषि मंत्री सुबोध उनियाल कह रहे हैं कि मंडी शिफ्ट होगी। मामला यहीं तक सीमित नहीं हैं। अंतरराज्यीय बस अड्डे के निर्माण को रोके जाने के मामले में परिवहन मंत्री यशपाल आर्य बिल्कुल चुप्पी साधे हुए हैं। हालांकि यह मामला आर्य के मंत्रालय से संबंधित हैं। सूत्रों की मानें तो बस अड्डे मामले में भी भाजपा के स्थानीय नेताओं की एक लॉबी बस अड्डे को गौलापार से शिफ्ट करने के पक्ष में हैं और इस लॉबी की सलाह पर ही मुख्यमंत्री के स्तर से यह फैसला भी लिया गया।
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