हल्द्वानी। लामाचौड़ में लगाई गई सोलर स्ट्रीट लाइटों का मामला गरमाने के आसार हैं। जिला पंचायत की बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटें लगाने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद जिला पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटें लगवानी शुरू कर दीं। लामाचौड़ में भी जिला पंचायत सदस्य के कहने पर ठेकेदार द्वारा सोलर लाइटें लगा दी गईं। अब मामला उछलने के बाद स्ट्रीट लाइटें उतरवा दी गई हैं। अंदेशा लगाया जा रहा है कि जिला पंचायत द्वारा किसी एक ही ठेकेदार को अधिकृत किए जाने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं।
लामाचौड़ में बिना टेंडर सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाए जाने की शिकायत कुछ लोगों ने जिला पंचायत के अधिकारियों से की थी। शिकायत के बाद संबंधित ठेकेदार द्वारा सोलर स्ट्रीट लाइटें उतरवा दी गई हैं। जिला पंचायत सदस्य लाखन सिंह निगल्टिया ने कहा कि जिला पंचायत की बैठक में ग्रामीण इलाकों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का निर्णय लिया गया था। जिला पंचायत सदस्यों से सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने को कहा गया था। कई इलाकों में जिला पंचायत सदस्यों द्वारा स्ट्रीट लाइटें लगवा भी दी गई हैं। इसी के तहत उन्होंने भी संबंधित ठेकेदार से लामाचौड़ में सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाने को कहा। कुछ लोगों की शिकायत पर सोलर लाइटें उतरवा दी गई हैं। जिला पंचायत ने अभी तक स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए कार्यदायी संस्था भी नामित नहीं की है।
लामाचौड़ में सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाए जाने की मुझे जानकारी नहीं है। 18 दिसंबर को जिला पंचायत की बैठक हुई थी। बैठक में सोलर लाइटें लगाने का मामला उठा था। 19 दिसंबर से मैं शहर के बाहर हूं। अब दो जनवरी को आऊंगी। मार्च से सोलर स्ट्रीट लाइट के लिए कोई टेंडर नहीं हुआ है। - सुमित्रा प्रसाद, अध्यक्ष जिला पंचायत।
सोलर लाइट लगाने के लिए जिला पंचायत सदस्य से फोन पर बात हुई थी। जिला पंचायत या किसी सदस्य द्वारा सोलर लाइट लगाने के लिए कोई पत्र नहीं दिया गया है। वैसे भी जिला पंचायत से विधिवत पत्र आने के बाद ही सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की कवायद की जाएगी। - संदीप भट्ट, परियोजना अधिकारी, उरेडा।