नैनीताल। उच्च न्यायालय ने रुड़की नगर निगम से दो गांवों को बाहर किए जाने के मामले में सरकार की ओर से जारी अधिसूचना पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाते हुए सरकार से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पिरान कलियर विधायक फुरकान अहमद ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि सरकार ने 10 नवंबर 2017 को अधिसूचना जारी कर नगर निगम रुड़की से रामपुर और पाडली गांव को बाहर कर दिया है। दोनों गांव 2015 में नगर निगम में शामिल किए गए थे। दोनों मुस्लिम बाहुल्य गांव हैं। सरकार ने बिना जनता की राय लिए यह अधिसूचना जारी की है। पीठ ने सरकार की ओर से जारी अधिसूचना पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। इसके साथ ही मामले की सुनवाई के लिए 20 दिसंबर की तिथि नियत करते हुए सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।