पतलोट (नैनीताल)। सुदूरवर्ती ओखलकांडा ब्लॉक के दो गांवों में बुखार से दो बच्चों की मौत की खबर छपने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। हरकत में आए विभाग ने शनिवार को एक डॉक्टर और दो फार्मेसिस्टों की टीम को ग्रामसभा गालपाधूरा में भेजा। टीम ने 30 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाइयां बांटीं। टीम ने ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने और साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा।
ओखलकांडा के गालपाधूरा और अधोड़ा गांव में पिछले कई दिनों से बुखार का प्रकोप चल रहा है। यहां अधिकांश घरों में लोग खांसी और बुखार से पीड़ित हैं। हफ्ते भर के भीतर गालपाधूरा निवासी घनश्याम परगाई के पुत्र प्रकाश चंद्र (9) और अधोड़ा गांव निवासी गोपाल सिंह मेहरा के तीन वर्षीय पुत्र कार्तिक मेहरा की मौत हो चुकी है। शनिवार को अमर उजाला ने ओखलकांडा में बुखार से दो बच्चों की मौत शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद सीएमओ डा. एचके जोशी के निर्देश पर ओखलकांडा स्थित पीएचसी के चिकित्साधिकारी डा. जगदीश पटपटिया और फार्मेसिस्ट कमल बोरा व मोहम्मद इंतियाज को गालपाधूरा भेजा गया। टीम ने गांव में महादेव परगांई, मनोज, पुरुषोत्तम, चंद्रबल्लभ, लक्ष्मीदत्त, मनीषा, पूर्णिमा, जसूली देवी, सरस्वती देवी, मनैता देवी, योगेश चंद्र, मीनाक्षी, धीरज, मोहित, मीना, सुनीता समेत 30 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा दी।
डॉ. पटपटिया ने बताया कि कभी-कभी बुखार तेज होने से और दवा न लेने के कारण स्वास्थ्य ज्यादा खराब हो जाता है। उन्होंने ग्रामीणों से स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने, पानी को उबालकर पीने व साफ सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। इधर, अधोड़ा के प्रधान रमेश महरा ने बताया कि शनिवार को मल्ला गालपाधूरा के भूपाल सिंह, जगदीश शर्मा व बच्ची देवी को बुखार के चलते अधोड़ा से 13 किलोमीटर दूर पतलोट में निजी क्लीनिक में दिखाया गया है। इधर सीएमओ डा. एचके जोशी ने बताया कि गालपाधूरा गई विभागीय टीम की रिपोर्ट अभी उन्हें नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।