झमाझम बारिश ने उमस से भले ही राहत दी हो मगर बूंद-बूंद पानी के लिए तरसा दिया। मंगलवार शाम से बुधवार तक 50 हजार लोगों को पेयजल संकट झेलना पड़ा।
मंगलवार दोपहर से ही पहाड़ों पर झमाझम बारिश शुरू हो गई थी। मंगलवार की शाम सात बजे गौला का जलस्तर लगभग 23 हजार क्यूसेक के पास पहुंच गया था। गौला का जलस्तर बढ़ने के कारण बैराज के सभी गेट खोल दिए गए थे।
बुधवार की सुबह पांच बजे जलस्तर लगभग साढ़े पांच हजार क्यूसेक होने पर जल संस्थान के फिल्टर प्लांट को आपूर्ति शुरू की गई। लाइनें डिस्चार्ज होने के कारण बुधवार सुबह शहर में पेयजल आपूर्ति नहीं हो सकी।
लगभग 50 हजार लोगों को पानी के लिए परेशान पड़ा। लोगों ने निजी टैंकरों से पेयजल आपूर्ति कराई। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता एसके उपाध्याय ने बताया कि ओवरहेड टैंक से काम चलाया गया।
अधिक प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर भेजे गए। बुधवार की शाम को बैराज गेट पर आई गंदगी की सफाई करने के लिए शाम को चार बजे से सवा पांच बजे तक फिल्टर प्लांट को फिर आपूर्ति बंद की गई।