भीमताल विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ ब्लॉक ओखलकांडा के पतलोट कस्बे में आयोजित जनसभा में सीएम हरीश रावत ने काश्तकारों, युवाओं और महिलाओं को साधने का भरसक प्रयास किया। अपने 45 मिनट के संबोधन में रावत सबसे ज्यादा काश्तकारों को साधते नजर आए।
उन्होंने मडुवा, चौलाई, ओगल, गेठी, तुन, भीमल, अखरोट, तिमूर, तेजपत्ता के उत्पादन और विपणन का जिक्र करते हुए सरकार द्वारा इस दिशा में किए गए कार्यों को गिनाया। काश्तकारों को साधने के लिए उन्होंने बंदरबाड़े और सुअर मारने की छूट देने का भी उल्लेख किया।
नौजवानों को साधने के लिए मुख्यमंत्री ने बेरोजगारी भत्ता देने का वायदा किया। प्रधानमंत्री का नाम लिए बिना सीएम ने कहा कि राज्य में आई आपदा के दौरान तो दिल्ली के बाबा ने साथ नहीं दिया, लेकिन अब सबका एक ही लक्ष्य है कि किसी तरह हरीश रावत को ठिकाने लगा दिया जाए।
36 साल बाद कोई सीएम पहुंचा पतलोट
सीएम हरीश रावत ओखलकांडा ब्लॉक के पतलोट कस्बे में पहुंचने वाले दूसरे मुख्यमंत्री हैं। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि इससे पहले अविभाजित उत्तर प्रदेश के शासन में वर्ष 1981 में तत्कालीन सीएम एनडी तिवारी हेलीकॉप्टर से यहां पहुंचे थे और इसी खेत में उनका हेलीकॉप्टर उतरा था, जहां बुधवार को कांग्रेस प्रत्याशी भंडारी की जनसभा थी।
मैं तो साधारण इंसान हूं भाई
पत्रकारों से संक्षिप्त वार्ता में सीएम हरीश रावत ने दावा किया कि प्रदेश की जनता दूसरी बार भी कांग्रेस को सत्ता सौंपने जा रही है। सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहे उनके बाहुबली और दबंग वाले वीडियो पर रावत यह कहते हुए आगे निकल गए कि मैं तो साधारण इंसान हूं भाई...।
कांग्रेसियों की गाड़ी देख कैड़ा समर्थकों ने लगाए नारे
धानाचूली से पतलोट तक के सफर में रास्ते में जगह-जगह बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशी राम सिंह कैड़ा के समर्थक खड़े मिले। मजेदार बात यह रही कि जैसे ही इस रोड से किसी कांग्रेसी की गाड़ी नजर आती तो कैड़ा समर्थक राम सिंह कैड़ा जिंदाबाद के नारे लगाने लगते। धानाचूली बैंड से कुछ दूर स्थित चाय की एक दुकान में कैड़ा के एक समर्थक ने वहां चाय पीने रुके कांग्रेसियों को खूब खरी खोटी सुनाई।