हल्द्वानी विधानसभा में कुल मतदाता 1,40,409 हैं। इसमें से बनभूलपुरा क्षेत्र के करीब 42 हजार मुस्लिम मतदाताओं का इस सीट पर हार-जीत के लिए अहम रोल होगा।
चाय की, पान की दुकान हो या फिर पकौड़ी का ठेला, इन स्थानों पर लोगों की चौकड़ी प्रत्याशियों की हार-जीत के जोड़-घटाने में लगी है। बनभूलपुरा में कांग्रेस के साथ ही सपा और बसपा की मजबूत दस्तक से यहां मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा है, जबकि भाजपा का तो नामोनिशान तक नहीं है।
अमर उजाला की टीम बृहस्पतिवार को हॉट सीट हल्द्वानी विधानसभा के बनभूलपुरा में लोगों की राय का जायजा जानने पहुंची तो काफी हद तक चुनाव की तस्वीर साफ नजर आई।
लाइन नंबर 17 में रईस हलवाई की दुकान में घुसते ही नजर पहले वहां लगे बोर्ड पर पड़ती है, जिसमें लिखा है ‘सियासत के चिरागों से न रखो उम्मीदें, ये किसी के घर में उजाला नहीं होने देते।’
रईस खुद को कांग्रेसी बताते हुए कहते हैं कि दुकान पर छोटे बड़े नेताओं की बैठकी होती रही है। अब भले ही हरीश रावत मुख्यमंत्री हैं, लेकिन उनके यहां से चिट्ठी आज भी आती है। चाहे खजान पांडे, राजेंद्र नेगी, इकबाल भारती, प्रयाग भट्ट हों या फिर कोई और, सभी उनकी दुकान की चाय पी चुके हैं।
दुकान पर मौजूद अकील अहमद गुड्डू से कुंवर सिंह की बहस चल रही थी मैडम जीतेंगी और कांग्रेस सरकार बनाएगी, जबकि कुंवर सिंह दावा ठोक रहे थे कि भाजपा 50 सीटें जीतकर सरकार बनाएगी।
कोई कह रहा था कि वर्ष 2007 में भाजपा के विधायक रहे बंशीधर भगत ने तो बनभूलपुरा की ओर झांका तक नहीं। लाल स्कूल जीजीआईसी के पास शकील भाई के छोले के ठेले पर युवा वोटर नाजिम वहीं खड़े अनस से दावा कर रहा था कि मतीन भाई सपा से चले गए तो क्या हुआ साइकिल तो फिर भी चलेगी।
कुछ आगे फयाज के पकौड़ी के ठेले पर पकौड़ी का स्वाद ले रहे रईस अली और साकिब सिद्दीकी का दावा था कि यूपी में मायावती ने अल्पसंख्यकों के लिए खूब काम किया है, इसलिए उनका वोट तो बसपा के लिए पक्का है।
बनभूलपुरा में साइकिल पर सवार रहे अब्दुल मतीन सिद्दीकी के कांग्रेस में शामिल होने के बाद सियासी तस्वीर जरूर बदली है, लेकिन मतीन सिद्दीकी को अपने खाते में आने वाले वोट कांग्रेस की ओर डायवर्ट करना टेढ़ी खीर नजर आ रहा है। हालांकि उनके समर्थक कांग्रेस को फायदा होने की बात कह रहे हैं।
हल्द्वानी विधानसभा के सभी वर्गों का खूब समर्थन मिल रहा है। हमने पूरे विधानसभा क्षेत्र में विकास किया है और आगे भी करेंगे। इसी विश्वास पर लोग उन्हें वोट देंगे।
- डॉ. इंदिरा हृदयेश, कांग्रेस प्रत्याशी।
मैं तो हल्द्वानी की जनता की सेवा करने और विकास के लिए आया हूं। 40 वर्ष से राजनीति करने वाली कांग्रेस की प्रत्याशी पहले यह तो बताएं वर्ष 2002 में चुनावी एजेंडे में उन्होंने जो वायदे किए ,थे वो कब पूरे होंगे।
- शोएब सिद्दीकी, सपा प्रत्याशी।
आज तक कांग्रेस-भाजपा ने बनभूलपुरा के लोगों को छलने का काम किया है। मूलभूत सुविधाएं तक बनभूलपुरा को नहीं मिल सकीं। जनता ने हमें जिताया तो सबसे पहले लोगों को मालिकाना हक दिलाया जाएगा।
- हाजी शकील अहमद केके, बसपा प्रत्याशी।