रामनगर। कोसी नदी में चार दिन पूर्व खनन माफिया द्वारा एक वन कर्मी की हत्या के बाद सोमवार को डीएम के निर्देश पर खान विभाग एवं एसडीएम द्वारा वन विभाग के हल्दुआ बैरियर पर छापा मारा गया। छापे के दौरान टीम को भारी अनियमितताएं मिलीं। टीम ने 42 जे प्रपत्र (ई रवन्ने) फर्जी पकड़े।
इसके अलावा एक रॉयल्टी के अंदर 500 रुपये का नोट रखा हुआ बरामद किया। पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक टीम का गठन कर दिया गया है। टीम ने रजिस्टर व अभिलेखों को कब्जे में लेने के साथ ही अग्रिम कार्यवाही के लिए रिपोर्ट डीएम को भेज दी है। वहीं डीएम के निर्देशों पर तत्काल ही खनन स्टॉक के रनिंग परमिशन पर रोक लगा दी गई है।
सोमवार को एसडीएम परितोष वर्मा और खान विभाग के उपनिदेशक राजपाल लेघा के नेतृत्व में तराई पश्चिमी वन प्रभाग के आमपोखरा रेंज के अंतर्गत हल्दुआ बैरियर पर खनन से संबंधित वाहनों के खिलाफ छापा मारा गया। एसडीएम ने बताया कि कार्यवाही के तहत बैरियर पर मौजूद प्रपत्र जे की जांच में पाया गाय कि भंडारणकर्ता ग्राम मडैया निवासी हरनेक सिंह, ग्राम उदयपुरी बंदोबस्ती निवासी गोपाल सिंह तथा वंश इंटर प्राइजेज तेलीपुरा के करीब 42 जे प्रपत्र (ई रवन्ने) फर्जी निकले।
उन्होंने बताया कि एक जे प्रपत्र से फोटोकॉपी कराकर कई बार अवैध रूप से उपखनिज निकासी की गई है। एक जे प्रपत्र को स्कैन करने के बाद एडिट कर रवन्ने को उपखनिज निकासी में इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा बैरियर में मौजूद जे प्रपत्र के जनवरी के अभिलेखों में निरीक्षण के दौरान 500 का एक नोट भी बरामद हुआ, जिसे सीज कर दिया गया है।
बैरियर पर मौजूद स्टाकिस्टों के रजिस्टर में पाया गया कि एक ही रॉयल्टी प्रपत्र जे नंबर 1जे00200000032 जोकि फर्जी है, से एक ही दिन 22 जनवरी को सुबह 6:45 बजे और इससे पूर्व उसी सुबह 6:31 बजे दो वाहनों (यूपी 22टी/8797) और (यूपी 21वीएन/5635) को निकासी दी गई है।
उन्होंने बताया कि हल्दुआ बैरियर पर अनियमितताओं को देखते हुए नवंबर 2016 से आज तक के अभिलेख ई रवन्ना एवं स्टॉक रजिस्टर कब्जे में लेकर जांच के लिए रामनगर तहसील में रखवा दिए गए हैं। टीम में तहसीलदार सुंदर सिंह तोमर, विनोद पांडे, तारा सिंह घिल्डियाल, आरिफ हुसैन समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।
रामनगर। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के आमपोखरा रेंज के अंतर्गत हल्दुआ बैरियर में डीएम के निर्देश पर हुई छापामारी में कई अनियमितताएं मिलने पर डीएफओ डॉ. चंद्रशेखर सनवाल ने तत्काल प्रभाव से मौजूद स्टाफ को हटा दिया है। उनके स्थान पर नए स्टाफ की तैनाती कर दी गई है। बाकी कार्यवाही जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।