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फिर चली ईको सेंसटिव जोन की फाइल

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हल्द्वानी। नंधौर और सुरई रेंज को ईको सेंसिटिव जोन (ईएसजेड) घोषित करने की फाइल फिर चल पड़ी है। वन संरक्षक कुमाऊं और डीएफओ ने नक्शा समेत जोन का प्रस्ताव मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक को भेज दिया है। यहां से प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। इस प्रस्ताव को नोटिफिकेशन के लिए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेजा जाएगा।
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नंधौर और सुरई वन्यजीव अभ्यारण्य को ईएसजेड घोषित करने का प्रस्ताव वन संरक्षक और डीएफओ ने 21 जुलाई 2016 को शासन को भेजा था। राज्य सरकार ने 27 जुलाई 2016 को इसका प्रस्ताव केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेज दिया। वर्ष 2017 में राज्य सरकार ने नंधौर और सुरई रेंज को टाइगर रिजर्व घोषित करने का प्रस्ताव केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेज दिया। इस पर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की 30वीं विशेषज्ञ समिति ने 25 मई 2018 को राज्य सरकार के ईएसजेड के प्रस्ताव पर रोक लगा दी। टाइगर रिजर्व का भारी विरोध हुआ और लोग सीएम से मिले। इस पर राज्य सरकार ने टाइगर रिजर्व के प्रस्ताव छह सितंबर 2018 को रद्द कर दिया। अब नंधौर और सुरई रेंज को ईएसजेड घोषित करने की फाइल कुछ संशोधनों के साथ फिर चल पड़ी है। मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक मोनिष मलिक ने 19 दिसंबर 2018 को अपर मुख्य सचिव से फाइल केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के पास फाइनल नोटिफिकेशन के लिए भेजने का आग्रह किया है। वन संरक्षक कुमाऊं और डीएफओ ने पुराने प्रस्ताव और नक्शे के साथ दोबारा प्रस्ताव भेज दिया है।

फिर चली ईको सेंसिटिव जोन की फाइल
वन संरक्षक कुमाऊं ने वन्यजीव प्रतिपालक को भेजी फाइल
नंधौर और सुरई रेंज को टाइगर रिजर्व घोषित करने के कारण लटका था मामला

नंधौर और सुरई रेंज को ईएसजेड घोषित करने का प्रस्ताव वन्यजीव प्रतिपालक के साथ ही शासन को दोबारा भेज दिया गया है। - डॉ. पराग मधुकर धकाते, वन संरक्षक कुमाऊं
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