भवाली (नैनीताल)। पोखरा भवाली गांव में आयोजित दो दिवसीय नटराज सांस्कृतिक संबोध विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का मंगलवार को समापन हो गया। समापन के दिन एसएस विश्वविद्यालय बड़ोदरा के पद्मभूषण पद्मा सुब्रमण्यम की शिष्या स्मृति बाधेला ने चिदंबरम में स्थित भगवान नटराज के स्वरुप की नाट्यशास्त्रीय व्याख्या का वर्णन किया। पौराणिक संदर्भ संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार के प्रो. दामोदर परगाई ने कहा कि शिव आदिनट हैं, उनकी नाट्य महिमा अद्भुत है इसलिए वे नटराज हैं। गुजरात बड़ोदरा की दर्शना देसाई ने नटराज को पौराणिक स्तंभ बताया। जलमित्र तुम्हारी गंगा फिल्म के निर्माता प्रो. राम सागर दुबे ने नटराज को गत्यात्मकता के विज्ञान का सूत्रधार कहा। राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन समारोह में तीस शोध पत्र पढ़े गए। संगोष्ठी में चेन्नई, बंगाल, गुजरात, बिहार, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तराखंड, यूपी से शोध छात्र पहुंचे हुए थे।