हल्द्वानी। प्रधानमंत्री के 29 अप्रैल के भारत के हर गांव तक बिजली पहुंचने की घोषणा से सच्चाई कुछ इतर है। उत्तराखंड के 13 जिलों में 4,758 तोक बिजली से वंचित हैं। इन तोकों में अभी तक बिजली नहीं पहुंच सकी है। सबसे अधिक तोक गढ़वाल में हैं।
उत्तराखंड पावर कारपोरेशन के आंकड़े बताते हैं कि राज्य के तोक अभी भी बिजली विहीन है। वर्षों से इन तोक में बिजली नहीं पहुंच सकी है। खास बात ये है कि टिहरी गढ़वाल के बाद प्रदेश की राजधानी में आने बिजली विहीन तोकों की संख्या सबसे अधिक है। जबकि कुमाऊं में चंपावत में सबसे अधिक तोक बिजली विहीन हैं।
यहां नहीं पहुंची बिजली
जिला तोकों की संख्या
अल्मोड़ा 297
बागेश्वर 208
चमोली 443
चंपावत 449
देहरादून 697
गढ़वाल 339
हरिद्वार 15
नैनीताल 131
पिथौरागढ़ 258
रुद्रप्रयाग 150
टिहरी गढ़वाल 971
ऊधमसिंह नगर 287
उत्तरकाशी 513
प्रदेश में 4,758 तोक बिजली विहीन हैं। सभी अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि दिसंबर 2018 तक सभी तोकों को बिजली से आच्छादित किया जाए।
-एके सिंह, मुख्य अभियंता उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड