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आपरेशन करने से मना किया तो काटा हंगामा

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हल्द्वानी। वेंटीलेटर न होने के कारण ऑपरेशन से मना करने पर मरीज के साथ आए तीमारदारों और अन्य लोगों ने बृहस्पतिवार को सुशीला तिवारी अस्पताल में हंगामा किया। इमरजेंसी कैज्युअल्टी और सर्जरी ओपीडी में भी काफी देर तक शोर शराबा करते रहे।
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सुशीला तिवारी अस्पताल में बुधवार की रात लगभग 9:30 बजे लाइन नंबर आठ निवासी नूरजहां (60) को अचानक दर्द उठा। एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि परिजन मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचे। बताया गया कि एपेंडिक्स का दर्द है और ऑपरेशन करना पड़ेगा। मरीज के परिजनों को जानकारी दी गई कि ऑपरेशन में खतरा हो सकता है और अस्पताल में वेंटीलेटर खाली नहीं है। इस पर परिजनों और मरीज के साथ आए अन्य लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। डॉक्टरों ने कह दिया था कि बिना वेंटीलेटर की उपलब्धता के अगर आपरेशन कराने को तैयार तो हो सकता है। परिजन और अन्य लोग नहीं माने और दो घंटे तक इमरजेंसी से लेकर सर्जरी वार्ड तक हंगामा करते रहे। डॉ. जोशी ने बताया कि परिजनों और अन्य लोग अस्पताल में घूमकर वेंटीलेटर खोजने लगे। मामला बढ़ता देख पुलिस को बुलाया गया। रात लगभग एक बजे परिजन मरीज को लेकर किसी दूसरे अस्पताल में चले गए।

मारपीट का विरोध, एमएस को दिया ज्ञापन
हल्द्वानी। बाल रोग विभाग में बुधवार रात डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट का जूनियर डॉक्टरों ने विरोध करते हुए एमएस को ज्ञापन दिया। एमएस डॉ. अरुण जोशी को दिए ज्ञापन में बुधवार की देर रात हुई घटना का हवाला देते हुए कहा कि डॉक्टरों के साथ आए दिन मारपीट होती है। जानलेवा हमला किया जाता है। बुधवार रात भी पीआईसीयू में कार्यरत एक रेजीडेंट डॉक्टर के साथ मारपीट की गई। डॉक्टर को तब पीटा गया जब वह बच्चे को देख रहे थे। साथ महिला डॉक्टरों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और सरकार संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। कहा कि 23 मार्च को भी ऐसी घटना हुई थी। पूर्व में भी ऐसी घटनाएं बाल रोग विभाग में हो चुकी हैं। एमएस डॉ. जोशी से उचित सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने की मांग की गई। बाल रोग विभाग पीजी रेजीडेंट डॉ. मानस सक्सेना, डॉ. युवराज शर्मा, डॉ. आशीष गुप्ता, डॉ. अंकुश आदि थे।
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