हल्द्वानी। जिले में यदि कोई वीवीआईपी पहुंच जाए तो पुलिस का परेशान होना स्वाभाविक है। दरअसल जिला पुलिस के पास वीवीआईपी की सुरक्षा के बुलेट प्रूफ वाहन, जैमर और बम को निष्क्रिय करने के लिए आवश्यक सामान उपलब्ध नहीं हैं।
सरकार पुलिस के आधुनिकीकरण की बात तो करती है मगर अपने जिले में पुलिस के पास सामान ही नहीं है। अब वाहनों और शस्त्रों सहित उपकरणों की जरूरत का प्रस्ताव देहरादून पुलिस मुख्यालय को भेजा गया है। एसएसपी जन्मेजय खंडूरी के अनुसारदो बम सूट, दो बम बास्केट, एक इनफ्लैटेबल टावर लाइट, दो माऊटेंड जैमर, एक वीडियो रिकार्डर, पांच अंडर वेहिकल सर्च मिरर, एक स्मैक कैमरा रिकार्डर, तीन डिजिटल वायस रिकार्डर, एक रिमोट आपरेटिव वेहिकल की मांग की गई है।
यातायात व्यवस्था के लिए
यातायात व्यवस्था के लिए एक फ्लैशिंग लाइट, 290 ट्रैफिक कोन्स, 108 फ्लोरेसेंट जैकेट, 56 रिफ्लेक्टिव ग्लव्स, दो स्पीड रडार गन, दस इलेक्ट्रिक टार्च, 30 ब्रेथ एनालसीसर्स, इंटरसेप्टर, 60 रेनकोट, दो डिजिटल कैमरे, पांच अल्कोहल मीटर, एक यूपीएस डबल बैट्री की मांग की है।
जिला पुलिस के लिए
एक छोटी कैन भवाली में राहत-बचाव के लिए, पांच बाइक, 10 वीडियो कैमरे, 25 ड्रैगन लाइट, दो फोटो स्टेट मशीन, एक लैपटॉप,625 के बी के जनरेटर, 54 मीडियम गाड़ी सहित 118 वाहनों की आवश्यकता है।
बम स्क्वायड ट्रेनिंग के लिए
दो बम डिस्पोजल किट्स, 14 डीएफएमडी (डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर),52 एचएचएमडी (हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर), दो डीप सर्च मेटल डिटेक्टर, छह सीसीटीवी एंड मोशन सेंसर, एक एक्स रे बैगेज स्कैनर, 51 वीडियो कैमरा,10 नाइट विजन डिवाइस, पांच एक्सप्लोसिव डिटेक्टर, दो पोर्टेबल जैमर,ब्लास्टिंग मशीन, एक जैमिंग डिवाइस, 30 ड्रैगन लाइट, दो जीपीएस, आठ प्रोडर्स और अन्य सामान हैं।