हल्द्वानी। बजूनिया हल्दू स्थित गत्ता फैक्ट्री में शनिवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। खुले टैंक में गिरने से युवती की मौत हो गई। वह फैक्ट्री में ही काम भी करती थी। इससे फैक्ट्री में हड़कंप मच गया। पुलिस अभी हादसा, आत्महत्या या हत्या के सवाल पर उलझी है। पोस्टमार्टम के बाद ही पुलिस वाले कुछ कहने की बात कह रहे हैं।
रमड़ी जस्सा कठघरिया के रहने वाले परमानंद पाठक की 24 साल की बेटी ज्योति पाठक बजूनिया हल्दू स्थित गत्ते की फैक्ट्री में काम करती थी। वह एमए भी कर रही थी। ज्योति शनिवार को काम पर फैक्ट्री में गई थी। दोपहर करीब ढाई बजे वह लघुशंका के लिए शौचालय की ओर गई थी। कुछ देर में ही छपाक की आवाज सुनाई दी। फैक्ट्री के कर्मचारियों ने इसे अनसुना कर दिया। कुछ देर बाद फैक्ट्री का फोरमैन चंदरपाल उधर से गुजरा तो टैंक में युवती को गिरा देख दंग रह गया। टैंक में करीब सात फुट तक पानी भरा था। फोरमैन ने साथियों को आवाज लगाई तो सब दौड़कर पहुंच गए। इसके बाद उसे बाहर निकाला गया और कर्मचारी सेंट्रल अस्पताल लेकर गए लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलने के बाद मुखानी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस खुले टैंक को खतरनाक बताकर लौट आई।
पुलिस का असमंजस
थानाध्यक्ष कमाल हसन ने बताया कि प्रथम दृष्टया फैक्ट्री मालिक की लापरवाही सामने आ रही है। अभी यह कहना जल्दबाजी है कि युवती गिरी है या गिराई गई है। कर्मचारियों से पूछताछ के दौरान यह स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर के बाद ही स्थितियां स्पष्ट होंगी। उन्होंने कहा कि परिजनों ने अब तक तहरीर नहीं दी है। हालांकि फैक्ट्री के कर्मचारियों का कहना है कि युवती पैर फिसलने के कारण टैंक में गिरी है।
तीन साल से करती थी नौकरी
पुलिस की पूछताछ से पता चला कि ज्योति पाठक करीब तीन साल से फैक्ट्री के पैकिंग विभाग में कार्यरत थी। वह एमबी पीजी कॉलेज में एमए की पढ़ाई भी कर रही थी। युवती का एक बड़ा भाई है और तीन बहनें हैं। हादसे की जानकारी मिलने पर फैक्ट्री में भीड़ जमा हो गई।
फैक्ट्री बंद करने के आदेश
थानाध्यक्ष कमाल हसन ने बताया कि शौचालय के पास टैंक का खुला रहना खतरनाक है। वहां फिर कभी हादसा हो सकता है। इस मामले में फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने तक फैक्ट्री मालिक दिनेश सुयाल को फैक्ट्री बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
ये सवाल हैं अनुतरित
1. टैंक कब से खुला पड़ा था। फैक्ट्री प्रशासन ने इसका ढक्कन लगाने की जरूरत क्यों नहीं समझी।
2. यदि शौचालय जाने का रास्ता यही था तो और लोग भी यहां से रोजाना गुजरते होंगे। हादसा युवती के साथ ही क्यों हो गया।
3. युवती सात फुट पानी में गिरी थी। फोरमैन की नजर कैसे पड़ी।