फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संयुक्त सचिव प्रत्याशी प्रकाश पनेरु का प्रवेश निरस्त, छात्रों का हंगामा

विज्ञापन
विज्ञापन
हल्द्वानी। एमबी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में संयुक्त सचिव पद के प्रत्याशी रहे प्रकाश पनेरु का बीए का प्रवेश निरस्त कर दिया है। शिकायत निवारण समिति की इस कार्रवाई से प्रकाश के समर्थक नाराज हो गए। उन्होंने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्राचार्य का आदेश रिसीव कराए जाने से पहले ही एक छात्र दोनों प्रति लेकर भाग गया। इससे अफरातफरी मच गई। पुलिस भी बुला ली गई।
विज्ञापन

प्रकाश पनेरु का निर्विरोध निर्वाचन तय होने के बावजूद दस अक्तूबर को चुनाव परिणाम घोषित नहीं किया गया था। बीए प्रथम वर्ष में फेल होने के बाद पुन: झूठे शपथपत्र के आधार पर उसकी कक्षा में प्रवेश लेने की शिकायत पर कॉलेज प्रशासन ने नोटिस जारी किया था। प्रकाश शिकायत निवारण समिति के समक्ष पक्ष रखने के लिए शनिवार को पूर्वाह्न 11 बजे कालेज पहुंच गया था लेकिन अपराह्न तीन बजे तक उसका पक्ष किसी ने नहीं सुना। इसके बाद वह अपना लिखित पक्ष दफ्तर में रिसीव करवा कर चला गया। आधे घंटे बाद ही प्राचार्य डॉ. जगदीश प्रसाद और शिकायत निवारण समिति के डॉ. बीआर पंत, डॉ. मीरा पांडे, डॉ. पूर्णिमा भटनागर, डॉ. एपी सिंह और डॅ. विनय विद्यालंकार पहुंच गए। दो घंटे चली बैठक के बाद प्रकाश पनेरु का प्रवेश निरस्त करने का फैसला किया गया।
इसकी खबर मिलते ही प्रकाश पनेरु और उसके समर्थक कॉलेज में पहुंच गए। उन्होंने हंगामा शुरू कर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पुष्पा जोशी, स्टेनो अतुल जोशी, प्रशासनिक अधिकारी सुरेंद्र सिंह रौतेला और अन्य कर्मचारियों को घेर लिया। स्टेनो ने प्राचार्य के आदेश की प्रति रिसीव करानी चाही तो एक छात्र आदेश की कार्यालय प्रति लेकर भाग गया। उस छात्र को पकड़ने के चक्कर में कॉलेज परिसर में अफरातफरी मच गई पर वह नहीं पकड़ में आया। हंगामे के दौरान दूसरे गुट के ऋषभ भारती, रोहित प्रकाश भी समर्थकों के साथ पहुंच और आदेश की प्रति की मांग करने लगे। पुलिस फोर्स ने छात्रों को कॅालेज से बाहर किया। प्रकाश पनेरु के समर्थकों में विवि छात्र महासंघ के उपसचिव अमन कुड़ाई, नीरज भट्ट, एनएसयूआई के पूर्व जिलाध्यक्ष तरुण साह, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष देवेंद्र नेगी, जगजीत सिंह नवल, अमित तौलिया, राहुल मठपाल आदि थे।
विज्ञापन


कॉलेज प्रशासन ने मेरा पक्ष नहीं सुना
शिकायत निवारण समिति ने मेरा पक्ष नहीं सुना। समिति ने गुपचुप ढंग से प्रवेश निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया। अंधेरा होने पर आदेश जारी का क्या मतलब है। अगर मेरा प्रवेश गलत था तो नामांकन क्यों खारिज नहीं किया गया तथा नामांकन वैद्य क्यों माना गया। मैं इस फैसले के खिलाफ कोर्ट की शरण में जाऊंगा।
- प्रकाश पनेरु


जांच और तथ्यों के आधार पर शिकायत सही पाए जाने पर प्रकाश पनेरु का प्रवेश निरस्त किया गया है। इस वर्ष जिन छात्र-छात्राओं द्वारा शपथपत्र लगाकर अंतराल दर्शाकर स्नातक एवं परास्नातक कक्षाओं में प्रवेश लिया गया है उन सभी के आवेदन पत्रों की जांच पड़ताल के लिए कमेटी गठित कर दी गई है।
विज्ञापन

- डॉ. जगदीश प्रसाद, प्राचार्य
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें