नैनीताल। हाईकोर्ट ने वन निगम द्वारा इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटों के लिए मांगी गई निविदाओं को खोलने पर अगले आदेशों तक रोक लगा दी है। ये निविदाएं एक अक्तूबर को खुलनी थीं।
बुधवार को न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हल्द्वानी-लालकुआं धर्मकांटा वेलफेयर सोसायटी के सचिव राकेश मोंगा व अन्य ने हाइकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वन निगम ने 20 अगस्त को इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटों की आपूर्ति, संचालन, स्थापना आदि कार्यों के लिए निविदाएं आमंत्रित की थी। इसके लिए याचिकाकर्ताओं ने भी निविदाएं डाली थीं। उनके अलावा जेपी स्टोन क्रशर, एलएसबी इंफ्राटेक सहित 11 लोगों ने निविदाएं भरीं। इनमें से 18 सितंबर को याचिकाकर्ता सहित तीन अन्य की निविदाएं सही पाई गईं। याचिका के मुताबिक जेपी स्टोन क्रशर व एलएसबी इंफ्राटेक की निविदाएं गलत तरीके से स्वीकार की गईं, जबकि उन्होंने निविदा की शर्तों को पूरा नहीं किया। पक्षों की सुनवाई के बाद हाइकोर्ट की एकलपीठ ने इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटों की निविदाएं खोलने पर रोक लगा दी है।