गर्मी में गिर गया दूध का उत्पादन
हल्द्वानी।
उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी और प्री मानसून बारिश नहीं होने के कारण पशुपालकों की कमर तोड़ दी है। मई में उत्तराखंड में 30 हजार लीटर दूध का कम उत्पादन हुआ है। हालांकि दुग्ध उत्पादों की बिक्री बढ़ी है।
प्रदेश के कई हिस्सों में मई में 38 से 41 डिग्री तक तापमान रहा। तापमान अधिक और भीषण गर्मी होने के कारण प्रदेश में हरे चारे की भारी कमी हुई है। गर्मी अधिक होने के कारण दुधारू पशुओं ने दूध गिराया है।
उत्तराखंड को-ऑपरेटिव डेरी फेडरेशन (यूसीडीएफ) की रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल में उत्तराखंड में दुग्ध उत्पादन 194760 लीटर था और जो मई में घटकर 172765 लीटर रह गया। प्रदेश में सबसे अधिक दूध उत्पादन नैनीताल जिले का घटा है। अप्रैल में नैनीताल जिले का दूध उत्पादन 84548 लीटर था जो मई में घटकर 76193 लीटर रह गया है। जून में भी दूध उत्पादन घट रहा है।
यहां इतना घटा दूध उत्पादन
जिला अप्रैल मई (किलोग्राम में)
नैनीताल 84548 76193
यूएसनगर 56100 46190
अल्मोड़ा 9522 8010
बागेश्वर 700 566
पिथौरागढ़ 4365 4286
चंपावत 8395 8659
देहरादून 11875 10270
हरिद्वार 13058 10052
उत्तरकाशी 649 687
नई टिहरी 2011 1605
पौड़ी 2313 1942
रुद्रप्रयाग 100 84
चमोली 1124 1215
दुग्ध उत्पादों की बिक्री 10 हजार लीटर बढ़ी
मई में दुग्ध उत्पादों की बिक्री बढ़ी है। यूसीडीएफ की सेल अप्रैल में 157983 लीटर थी जो मई में बढ़कर 161119 लीटर हो गई। यूसीडीएफ के सामान्य प्रबंधक प्रशासन दीप बिष्ट ने बताया कि यूसीडीएफ बहारी राज्यों से दूध मंगा कर आपूर्ति कर रहा है। गर्मी के कारण उत्तराखंड का दूध उत्पादन गिरा है।