सिंचाई विभाग को पिछले वित्तीय वर्ष में केंद्रीय योजनाओं के तहत किए गए कार्यों की राशि का भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। सिंचाई विभाग के सूत्रों के मुताबिक आपदा के चलते पूरे प्रदेश में 400 करोड़ रुपए से बाढ़ सुरक्षा योजनाओं का काम कराया गया, लेकिन केंद्र सरकार से मात्र 48 करोड़ रुपए सिंचाई विभाग को मिले। यह खुलासा सिंचाई मंत्री द्वारा केंद्रीय सहायता के तहत विभिन्न योजनाओं के लिए मिली राशि का ब्यौरा तलब करने पर हुआ।
सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य ने मुख्य अभियंता (उत्तर) से केंद्रीय सहायता के तहत कराए गए योजनाओं के कार्यों की प्रगति और राशि का ब्यौरा तलब किया। मुख्य अभियंता डीसी सिंह ने बताया कि केदारनाथ, मुनस्यारी, धारचूला, चमोली, उत्तरकाशी में आई आपदा के तहत बाढ़ सुरक्षा कार्यों में करीब 400 करोड़ रुपए खर्च हुए। केंद्रीय सहायता के तहत विभाग को पूरे प्रदेश में मात्र 48 करोड़ रुपए अवमुक्त कराए गए।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय सहायता के तहत त्वरित सिंचाई योजना, बाढ़ नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कई बाढ़ सुरक्षा के कार्य कराए गए। योजना आयोग खत्म होने के बाद अब यह राशि मिल पाएगी या नहीं इस पर संशय बना है। वित्तीय वर्ष 2014-15 में कराए गए कार्यों का पैसा नहीं मिला है और केंद्र से इन योजनाओं के संबंध में कोई दिशा-निर्देश भी जारी नहीं हुए हैं।