गौला नदी से अवैध ढंग से खनन का माल ढोने के मामले में विजिलेंस की टीम ने 36 लोगों को दोषी पाया है। 15 अन्य के खिलाफ अभी जांच चल रही है। जांच पूरी होने पर विजिलेंस विभाग कार्रवाई करेगा। खनन कराने के पीछे सफेदपोशों के हाथ बताए जा रहे हैं।
विजिलेंस के अधिकारियों के अनुसार गौला नदी से 2001 से 2003 तक जमकर अवैध खनन हुआ था। सफेदपोशों के इशारे पर ठेकेदार रवन्ने की धनराशि के छेड़छाड़ कर गौला नदी के विभिन्न गेटों से ढुलाई कराए और सरकार को लाखों रुपये का चूना लगाया। इस मामले में दूसरे पक्ष ने शासन को पत्र भेजकर गोपनीय शिकायत की।
शासन के निर्देश पर विजिलेंस ने प्राथमिक जांच कर 2010 में मुकदमा दर्ज किया। जांच टीम ने पाया कि अवैध खनन में लिप्त लोगों ने ट्रक और डंपर से काफी मात्रा में खनिज निकाले लेकिन कागज में दर्शाया गया कि माल बुग्गी से निकाला गया है। एक रवन्ने पर डंपर दिन में पांच-पांच चक्कर लगाते थे लेकिन कोई रवन्ने और डंपर की जांच नहीं करता था।
इस मामले मेें टीम ने 36 डंपर चालकों और मालिकों को दोषी पाया। अभी 15 अन्य लोगों के खिलाफ विजिलेंस की टीम जांच कर रही है। एसपी विजिलेंस डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि अभी आरोपियों के नामों का खुलासा नहीं किया जा सकता है। नियमों का पालन करते हुए जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।