सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने काकड़ीघाट-खैरना मार्ग को चौड़ा करने की हरी झंडी देने के साथ बजट भी स्वीकृत कर दिया है। बरसात खत्म होने के बाद एनएच मार्ग को चौड़ा करने का काम शुरू करेगा। इससे खासकर अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ु जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
नैनीताल मार्ग, ज्योलीकोट मार्ग आदि टू-लेन नहीं है, जबकि वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसके मद्देनजर सड़क को चौड़ा करने का काम शुरू किया गया है। नैनीताल मार्ग को टू-लेन की डीपीआर तैयार करने का काम एक निजी संस्था को सौंपा गया है।
वहीं, काकड़ीघाट-खैरना मार्ग को चौड़ा करने की सभी औपचारिकता पूरी हो गई है। अधिशासी अभियंता महेंद्र कुमार ने बताया कि काकड़ीघाट से खैरना मार्ग की लंबाई करीब 10 किमी है। वर्तमान में मार्ग की चौड़ाई करीब 5.5 फीट है। इसे चौड़ा कर सात फीट (टू-लेन और पटरी अलग) तक करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए वन भूमि हस्तांतरित हो गई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस काम के लिए 32 करोड़ का बजट भी स्वीकृत कर लिया है। बरसात के बाद काम शुरू किया जाएगा।
ब्रिटिशकालीन पुलों की स्थिति ठीक
हल्द्वानी। नैनीताल मार्ग आदि पर ब्रिटिशकालीन पुल आदि है। एनएच अधिकारियों के अनुसार इन पुलों पर सुरक्षा की दृष्टि एक व्यवस्थित ढंग से बाकायदा नजर रखी जा रही है। अभी तक किसी पुल से खतरा आदि को लेकर बात सामने नहीं आई है।